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कटखने बंदरों ने बढ़ाई स्कूली बच्चों की मुसीबत
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:52 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। वन्य जीवों के आतंक के चलते पूरे क्षेत्र के लोग परेशान हैं। बंदरों ने जहां पर्वतीय क्षेत्र की खेती चौपट कर दी है, वहीं अब वह लोगों पर झपटने भी लगे हैं। ताड़ीखेत राजीव नवोदय विद्यालय परिसर में इन दिनों बंदरों का बड़ा झुंड लंबे समय से सक्रिय है। जो सीधे लोगों पर झपट रहे हैं। बंदरों के आतंक के चलते अभिभावक परेशान हैं, उन्हें अपने बच्चों की चिंता सता रही है। विद्यालय प्रशासन ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी और वन विभाग के अधिकारियों को पत्र भी भेजे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
ताड़ीखेत, चिलियानौला, रानीखेत नगर में बंदरों ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। घर के अंदर की सामग्री तक सुरक्षित नहीं है। दुकानदारों ने बंदरों के भय के चलते जालीनुमा केबिन तक बनाए हैं। सबसे अधिक चिंता अभिभावकों को बच्चों की सता रही है। राजीव नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत परिसर में लंबे समय से बंदरों के झुंड ने खासा आतंक मचाया है। बंदरों के भय से बच्चे बाहर जाने से भी कतरा रहे हैं। मजखाली के एक अभिभावक ललित जोशी ने बताया कि वह विद्यालय गए थे, वहां बंदरों का झुंड उन पर झपट पड़ा और उनके कपड़े फाड़ दिए। बाद में हल्ला मचने पर बंदर भागे। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पहली आवश्यकता है। प्रशासन और विभाग को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने का प्रयास करने चाहिए।
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ताड़ीखेत, चिलियानौला, रानीखेत नगर में बंदरों ने लोगों की नाक में दम कर दिया है। घर के अंदर की सामग्री तक सुरक्षित नहीं है। दुकानदारों ने बंदरों के भय के चलते जालीनुमा केबिन तक बनाए हैं। सबसे अधिक चिंता अभिभावकों को बच्चों की सता रही है। राजीव नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत परिसर में लंबे समय से बंदरों के झुंड ने खासा आतंक मचाया है। बंदरों के भय से बच्चे बाहर जाने से भी कतरा रहे हैं। मजखाली के एक अभिभावक ललित जोशी ने बताया कि वह विद्यालय गए थे, वहां बंदरों का झुंड उन पर झपट पड़ा और उनके कपड़े फाड़ दिए। बाद में हल्ला मचने पर बंदर भागे। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पहली आवश्यकता है। प्रशासन और विभाग को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने का प्रयास करने चाहिए।
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