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डॉक्टरों को बताया कैसे तैयार करें रिसर्च पेवर
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:13 AM IST
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मेडिकल कॉलेजों
- फोटो : amar ujala
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हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में एमडी, एमएस आदि पीजी विषयों में प्रवेश लेने वाले रेजीडेंट डॉक्टरों को दायित्व और इलाज के संबंध में जानकारी दी गई।
चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने रेजीडेंट डॉक्टरों को इलाज के दौरान रोगियों से संबंध, व्यवहार और कभी-कभार आने वाली मुश्किलों का सामना कैसे किया जाए, उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। फार्माकोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेनु ने कहा कि रोगियों को पर्चे पर जेनेरिक दवाएं लिखी जानी है, यह दवाएं सस्ती और बेहतर होती है। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. अर्जित दत्त ने मेडिकल लीगल (दुर्घटना में घायल आदि मामलों) मामलों की और मेडिसिन विभाग के डॉ. मकरंद सिंह ने रैगिंग से जुड़ी जानकारी दी। इससे पूर्व प्रवेशार्थियों को शपथ दिलाई गई।
इस दौरान प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. भावना श्रीवास्तव, डॉ. वीके त्रिवेदी, डॉ. विनय कुमार, डॉ. मोहन देउपा, डॉ. गोदावरी जोशी, डॉ. गजाला, अमित दुम्का और जन संपर्क अधिकारी आलोक उप्रेती मौजूद थे।
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चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने रेजीडेंट डॉक्टरों को इलाज के दौरान रोगियों से संबंध, व्यवहार और कभी-कभार आने वाली मुश्किलों का सामना कैसे किया जाए, उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। फार्माकोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेनु ने कहा कि रोगियों को पर्चे पर जेनेरिक दवाएं लिखी जानी है, यह दवाएं सस्ती और बेहतर होती है। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉ. अर्जित दत्त ने मेडिकल लीगल (दुर्घटना में घायल आदि मामलों) मामलों की और मेडिसिन विभाग के डॉ. मकरंद सिंह ने रैगिंग से जुड़ी जानकारी दी। इससे पूर्व प्रवेशार्थियों को शपथ दिलाई गई।
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इस दौरान प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. भावना श्रीवास्तव, डॉ. वीके त्रिवेदी, डॉ. विनय कुमार, डॉ. मोहन देउपा, डॉ. गोदावरी जोशी, डॉ. गजाला, अमित दुम्का और जन संपर्क अधिकारी आलोक उप्रेती मौजूद थे।
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