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57 साल पहले सहपाठी खड़क दा ने ‘पढ़’ लिया था भगत दा के हाथों में लिखा राजयोग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2019 01:36 AM IST
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57 years ago, classmate Khadak da had 'read' Rajyoga written in the hands of Bhagat da
भगत सिंह कोश्यारी की खबर से जुड़ी फोटो खड़क सिंह बिष्ट व उनकी पत्नी भागीरथी ‌देवी।
हल्द्वानी। भगत सिंह कोश्यारी के सहपाठी रहे खड़क सिंह बिष्ट ने 1962 में ही उनके राजयोग की भविष्यवाणी कर दी थी। भविष्यवाणी का सिलसिला यही पर नहीं रुका। 2019 में लोकसभा चुनावों की तैयारी चल रही थी, खड़क दा की मानें तो उस समय भी कह दिया था कि... वह राज्यपाल बनेंगे। रविवार को यह बात भी सही साबित हुई... बस उन्हें थोड़ा सा मलाल इस बात का है कि जब रविवार की सुबह 11 बजे वह अपने दोस्त भगत दा कोबधाई देने उनके अमरावती कालोनी स्थित आवास पर पहुंचे, उससे पहले भगत दा देहरादून के लिए रवाना हो चुके थे।
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खड़क दा से बात शुरू होती है तो यादों का पिटारा खुल जाता है। वह बताते हैं कि 1962 में वह और भगत सिंह कोश्यारी अल्मोड़ा डिग्री कालेज में साथ-साथ बीए की पढ़ाई की। इस दौरान दोनों अल्मोड़ा पल्टन बाजार स्थित हनुमान मंदिर परिसर में किराए के कमरे में रहते थे। वह बताते हैं कि भगत दा उस वक्त अल्मोड़ा डिग्री कॉलेज में जनरल सेक्रेटरी के पद पर थे। घुंघराले बाल और बंद गले का कोट उनकी खास पहचान थी। उस वक्त भगत दा आरएसएस से नहीं जुड़े थे, जबकि मैं 1954 से संघ से जुड़ा हुआ था। जब मैंने उन्हें संघ से जुड़ने की बात की तो पहले बात नहीं बनी। उनके अनुसार इसी मुद्दे पर उनसे कई महीने तक सही से बातचीत भी नहीं हुई। बाद में वह मान गए और 1963 से संघ के कार्यक्रमों में जाना शुरू किया।
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प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए खड़क सिंह बिष्ट के अनुसार उनकी ज्योतिष में बचपन से ही रुचि रही थी। वृंदावन में ज्योतिष से जुड़ा कोर्स भी किया। वह बताते हैं कि पढ़ाई के दौरान ही भगत दा का हाथ देखा था, उसमें दस शंख थे। तभी कह दिया था कि उनके भाग्य में राजयोग है या फिर सन्यासी बनना है। लोकसभा चुनाव से पहले भी उनके राज्यपाल बनने की भविष्यवाणी भी की थी। खड़क दा की पत्नी भागीरथी देवी (60) ने बताया कि हर साल वह भगत दा को सेब की पेटी, अखरोट और देशी घी का तोहफा देना नहीं भूलतीं। भगत दा जमीन से जुड़े नेता हैं, उनके राज्यपाल बनने से वही नहीं पूरे उत्तराखंड में खुशी है।
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इमरजेंसी में साथ जेल में बंद हुए पूरन दा और भगत दा
हल्द्वानी। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पूरन चंद्र शर्मा और भगत सिंह कोश्यारी का साथ लंबा रहा है। वह बताते हैं कि पार्टी को आगे बढ़ाने से लेकर आंदोलनों में दोनों ने मिलकर खूब काम किया। इमरजेंसी के दौरान दोनों अल्मोड़ा जेल में बंद हुए। राज्य गठन को लेकर उत्तरांचल संघर्ष समिति बनी, तो दोनों उसमें पदाधिकारी थे। भगत सिंह कोश्यारी का राज्यपाल बनना खुशी का विषय है।

भगत दा से कई चीजें सीखीं: भट्ट
हल्द्वानी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट कहते हैं कि चालीस साल से अधिक समय से भगत दा से जुड़े हैं। इस दौरान कई चीजें उनसे सीखने को मिली हैं। मेरे अलावा कई नेताओं की खोज उन्होंने की है... राजनीति की एबीसीडी उनसे सीखी। भगत दा स्पष्टवादी हैं। वह राजनीति के मर्मज्ञ हैं। पार्टी ने उनकी सेवाओं का उचित मूल्यांकन किया और सही प्रतिफल दिया है। इसके लिए हम केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हैं।
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