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निकाय चुनाव: दावेदार करने लगे पानी की राजनीति
Updated Sat, 20 Oct 2018 01:13 AM IST
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हल्द्वानी। निकाय चुनावों की घोषणा के बाद एकाएक पार्षद प्रत्याशियों ने पेयजल की राजनीति शुरू कर दी है। निकाय क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों के करीब आधा दर्जन नलकूप लंबे समय से खराब चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता तो खामोश हैं लेकिन निकाय क्षेत्र में खराब नलकूपों और लीकेज ठीक कराने की मांग को लेकर पार्षद प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
क्षेत्र के निकाय में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों में कई नलकूप खराब चल रहे हैं। इसके अलावा पहले से नगर निगम का हिस्सा रहे इलाकों राजपुरा, उजाला नगर आदि इलाकों में पेयजल किल्लत बनी है। रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, निकाय में शामिल ऊंचापुल और कुसुमखेड़ा क्षेत्र, काठगोदाम, शीशमहल आदि इलाकों में पेयजल लाइनें लीक हैं। जिसकी वजह से ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल किल्लत बनी है। निकाय क्षेत्र के पेयजल किल्लत वाले इलाकों से पार्षद की दावेदारी कर रहे प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए समर्थकों के साथ पेयजल दफ्तरों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
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क्षेत्र के निकाय में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों में कई नलकूप खराब चल रहे हैं। इसके अलावा पहले से नगर निगम का हिस्सा रहे इलाकों राजपुरा, उजाला नगर आदि इलाकों में पेयजल किल्लत बनी है। रामपुर रोड, बरेली रोड, नैनीताल रोड, कालाढूंगी रोड, निकाय में शामिल ऊंचापुल और कुसुमखेड़ा क्षेत्र, काठगोदाम, शीशमहल आदि इलाकों में पेयजल लाइनें लीक हैं। जिसकी वजह से ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल किल्लत बनी है। निकाय क्षेत्र के पेयजल किल्लत वाले इलाकों से पार्षद की दावेदारी कर रहे प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए समर्थकों के साथ पेयजल दफ्तरों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
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