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जिले में 128 हेक्टेयर में हो रही चाय की खेती
Updated Wed, 13 Dec 2017 02:06 AM IST
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भीमताल/भवाली (नैनीताल)। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के भ्रमण के दौरान मंडलायुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड के माध्यम से घोड़ाखाल क्षेत्र में वर्ष 1994-1995 से वर्ष 1999 तक सैनिक स्कूल से लीज पर ली गई भूमि पर चाय बागान विकसित करने की परियोजना शुरू की गई थी। तब घोड़ाखाल चाय बागान में 12 हेक्टेयर भूमि में चाय बागान विकसित किए गए।
वर्ष 2001 से वर्ष 2006 तक राज्य सरकार ने नैनीताल जिले में उक्त परियोजना बंद कर दी। बाद में वर्ष 2007 से जिले में फिर से चाय विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत बोर्ड ने मार्च 2017 तक कुल 128.52 हेक्टेयर में चाय बागान विकसित किए गए हैं, जिनमें रामगढ़ ब्लॉक में 42.83 हेक्टेयर, धारी ब्लॉक में 68.776 हेक्टेयर, बेतालघाट में 11.921 हेक्टेयर भूमि के चाय बागान शामिल हैं। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि रामगढ़ ब्लॉक के श्यामखेत, निगलाट में 12.61 हेक्टेयर, नथुवाखान में 30.22 हेक्टेयर, धारी के पदमपुरी में 28.091 हेक्टेयर, सरना, गुनियालेख में 40.68 हेक्टेयर, बेतालघाट में 12.73 हेक्टेयर भूमि में चाय की खेती की जा रही है। डीएम चौधरी ने बताया कि जिले में रेशम विकास के लिए जिला योजना के माध्यम से 3.20 लाख की राशि से 50 हजार मणिपुरी बांज पौध की नर्सरी स्थापित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 के मानसून में वन पंचायतों के माध्यम से मणिपुरी बांज पौध का रोपण किया जाएगा। कोटाबाग में 700, रामनगर में 200, हल्द्वानी में 65, भीमताल में 50 कृषकों को रेशम उत्पादन कार्य से जोड़ा गया है। सीडीओ प्रकाश चंद्र ने बताया कि रामगढ़ ब्लॉक में 5.87 लाख, धारी में 4.40 लाख, बेतालघाट ब्लॉक में 17.63 लाख चाय के पौधों की नर्सरी के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है।
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वर्ष 2001 से वर्ष 2006 तक राज्य सरकार ने नैनीताल जिले में उक्त परियोजना बंद कर दी। बाद में वर्ष 2007 से जिले में फिर से चाय विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत बोर्ड ने मार्च 2017 तक कुल 128.52 हेक्टेयर में चाय बागान विकसित किए गए हैं, जिनमें रामगढ़ ब्लॉक में 42.83 हेक्टेयर, धारी ब्लॉक में 68.776 हेक्टेयर, बेतालघाट में 11.921 हेक्टेयर भूमि के चाय बागान शामिल हैं। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि रामगढ़ ब्लॉक के श्यामखेत, निगलाट में 12.61 हेक्टेयर, नथुवाखान में 30.22 हेक्टेयर, धारी के पदमपुरी में 28.091 हेक्टेयर, सरना, गुनियालेख में 40.68 हेक्टेयर, बेतालघाट में 12.73 हेक्टेयर भूमि में चाय की खेती की जा रही है। डीएम चौधरी ने बताया कि जिले में रेशम विकास के लिए जिला योजना के माध्यम से 3.20 लाख की राशि से 50 हजार मणिपुरी बांज पौध की नर्सरी स्थापित की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 के मानसून में वन पंचायतों के माध्यम से मणिपुरी बांज पौध का रोपण किया जाएगा। कोटाबाग में 700, रामनगर में 200, हल्द्वानी में 65, भीमताल में 50 कृषकों को रेशम उत्पादन कार्य से जोड़ा गया है। सीडीओ प्रकाश चंद्र ने बताया कि रामगढ़ ब्लॉक में 5.87 लाख, धारी में 4.40 लाख, बेतालघाट ब्लॉक में 17.63 लाख चाय के पौधों की नर्सरी के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है।
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