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उच्चशिक्षा मंत्री भी नहीं हिला पाए नौ प्राध्यापकों को
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:50 AM IST
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हल्द्वानी। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में सालों से एक ही स्थान पर जमे नौ प्राध्यापकों को उच्चशिक्षा मंत्री भी नहीं हिला पाए। हाल यह है कि शासन द्वारा किए गए तबादले पर ये प्राध्यापक गए ही नहीं और चार महीने तक घर बैठे रहे। अब शासन ने तीन प्राध्यापकों का तबादला निरस्त कर दिया है। छ िको अपने पसंदीदा के कॉलेजों में तैनाती दे दी है।
उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने जून और जुलाई में राजकीय महाविद्यालयों में कई दशक से एक ही स्थान पर जमे प्राध्यापकों के स्थानांतरण किए थे। इनमें मैदानी क्षेत्रों के कई प्राध्यापकों को पहाड़ के महाविद्यालयों में भेजा गया था लेकिन सत्ता और राजनेताओं तक पकड़ रखने वाले प्रभावशाली प्राध्यापकों को शासन पहाड़ चढ़ाने पर विफल रहा था लेकिन 30 से अधिक प्राध्यापकों के तबादलों में फेरबदल कर उन्हें मैदानी महाविद्यालयों में ही तैनाती दे दी गई थी। इसके अलावा स्थानांतरण सूची में शामिल नौ और प्राध्यापकों ने शासन के आदेश को धता बताते हुए नए तैनाती स्थल में ज्वाइन नहीं किया। इन प्राध्यापकों पर उच्चशिक्षा मंत्री की चेतावनी का भी असर नहीं पड़ा। इधर, प्रभावशाली प्राध्यापक अपने मन मुताबिक स्थान पर तबादला कराने और निरस्त कराने के प्रयास में जुटे रहे, जिसमें उन्हें कामयाबी भी हासिल हो गई।
महाविद्यालयों में लंबे समय से डटे प्रभावशाली तीन प्राध्यापकों का तबादला निरस्त
छह को मनमर्जी स्थान पर मिली तैनाती
इनका तबादला हुआ निरस्त
1. कोटद्वार महाविद्यालय में बीएड विभाग में करीब 25 वर्ष से अधिक समय से डटे डॉ. दिनेश मोहन शर्मा और उनकी पत्नी डॉ. निरंजना शर्मा का तबादला गोपेश्वर किया गया था लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया है।
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2. पिथौरागढ़ महाविद्यालय में करीब दो दशक से जमे भूगर्भ विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. आरए सिंह का तबादला ऋषिकेश किया गया था लेकिन वह नहीं गए और अब शासन ने उनका तबादला निरस्त कर दिया।
इन्हें मिली नई तैनाती
1. खटीमा महाविद्यालय से इतिहास की प्राध्यापक डॉ. रीता शर्मा को बागेश्वर महाविद्यालय भेजा गया था लेकिन अब उनके तबादला आदेश में संशोधन कर कोटद्वार तैनात कर दिया है।
2. हल्द्वानी के राजकीय महिला महाविद्यालय से डॉ. अपराजिता का तबादला रानीखेत किया गया था, उसमें संशोधन कर अब काशीपुर कर दिया गया है।
3. खटीमा महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. हरिओम सिंह का तबादला मुनस्यारी किया गया था, इन्हें भी शासन ने अब बनबसा महाविद्यालय भेज दिया है।
4. रामनगर महाविद्यालय में लंबे समय से जमे वाणिज्य के प्राध्यापक डॉ. संजीव मल्होत्रा का तबादला भिक्यिासैंण किया गया था, यह भी नहीं गए और शासन ने इनका तबादला संशोधित कर काशीपुर में तैनाती दे दी है।
5. रुद्रपुर महाविद्यालय से वाणिज्य के प्राध्यापक डॉ. चंद्रप्रकाश का तबादला पिथौरागढ़ किया गया था, वह भी नहीं गए और बाजपुर महाविद्यालय में तैनाती पा गए।
6. गोपेश्वर महाविद्यालय में बीएड विभाग की प्राध्यापक डॉ. सुनीता नौटियाल का तबादला कोटद्वार किया था, जिसमें संशोधन कर रायपुर देहरादून महाविद्यालय में तैनाती दे दी गई है।
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उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर शासन ने जून और जुलाई में राजकीय महाविद्यालयों में कई दशक से एक ही स्थान पर जमे प्राध्यापकों के स्थानांतरण किए थे। इनमें मैदानी क्षेत्रों के कई प्राध्यापकों को पहाड़ के महाविद्यालयों में भेजा गया था लेकिन सत्ता और राजनेताओं तक पकड़ रखने वाले प्रभावशाली प्राध्यापकों को शासन पहाड़ चढ़ाने पर विफल रहा था लेकिन 30 से अधिक प्राध्यापकों के तबादलों में फेरबदल कर उन्हें मैदानी महाविद्यालयों में ही तैनाती दे दी गई थी। इसके अलावा स्थानांतरण सूची में शामिल नौ और प्राध्यापकों ने शासन के आदेश को धता बताते हुए नए तैनाती स्थल में ज्वाइन नहीं किया। इन प्राध्यापकों पर उच्चशिक्षा मंत्री की चेतावनी का भी असर नहीं पड़ा। इधर, प्रभावशाली प्राध्यापक अपने मन मुताबिक स्थान पर तबादला कराने और निरस्त कराने के प्रयास में जुटे रहे, जिसमें उन्हें कामयाबी भी हासिल हो गई।
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महाविद्यालयों में लंबे समय से डटे प्रभावशाली तीन प्राध्यापकों का तबादला निरस्त
छह को मनमर्जी स्थान पर मिली तैनाती
इनका तबादला हुआ निरस्त
1. कोटद्वार महाविद्यालय में बीएड विभाग में करीब 25 वर्ष से अधिक समय से डटे डॉ. दिनेश मोहन शर्मा और उनकी पत्नी डॉ. निरंजना शर्मा का तबादला गोपेश्वर किया गया था लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया है।
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2. पिथौरागढ़ महाविद्यालय में करीब दो दशक से जमे भूगर्भ विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. आरए सिंह का तबादला ऋषिकेश किया गया था लेकिन वह नहीं गए और अब शासन ने उनका तबादला निरस्त कर दिया।
इन्हें मिली नई तैनाती
1. खटीमा महाविद्यालय से इतिहास की प्राध्यापक डॉ. रीता शर्मा को बागेश्वर महाविद्यालय भेजा गया था लेकिन अब उनके तबादला आदेश में संशोधन कर कोटद्वार तैनात कर दिया है।
2. हल्द्वानी के राजकीय महिला महाविद्यालय से डॉ. अपराजिता का तबादला रानीखेत किया गया था, उसमें संशोधन कर अब काशीपुर कर दिया गया है।
3. खटीमा महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. हरिओम सिंह का तबादला मुनस्यारी किया गया था, इन्हें भी शासन ने अब बनबसा महाविद्यालय भेज दिया है।
4. रामनगर महाविद्यालय में लंबे समय से जमे वाणिज्य के प्राध्यापक डॉ. संजीव मल्होत्रा का तबादला भिक्यिासैंण किया गया था, यह भी नहीं गए और शासन ने इनका तबादला संशोधित कर काशीपुर में तैनाती दे दी है।
5. रुद्रपुर महाविद्यालय से वाणिज्य के प्राध्यापक डॉ. चंद्रप्रकाश का तबादला पिथौरागढ़ किया गया था, वह भी नहीं गए और बाजपुर महाविद्यालय में तैनाती पा गए।
6. गोपेश्वर महाविद्यालय में बीएड विभाग की प्राध्यापक डॉ. सुनीता नौटियाल का तबादला कोटद्वार किया था, जिसमें संशोधन कर रायपुर देहरादून महाविद्यालय में तैनाती दे दी गई है।