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...तो क्या आज से चालू हो जाएगा वीरभट्टी का घाटीपुल
Updated Sun, 26 Nov 2017 02:22 AM IST
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सड़क
- फोटो : amar ujala
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग में वीरभट्टी में निर्माणाधीन घाटीपुल को यातायात के लिए खोलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। एनएच के अधिकारियों द्वारा बीते 20 नवंबर को मार्ग खोलने की घोषणा में विफल होने के बाद 26 नवंबर की तिथि को हर हाल में उक्त मार्ग को सुचारु करने की घोषणा की थी। हालांकि लोगों को उम्मीद कम है कि आज रविवार को यातायात सुचारु हो पाएगा।
बीते 25 सितंबर को गैस वाहन हादसे के बाद कुमायूं की लाइफ लाइन मानी जाने वाले उक्त मार्ग को दो माह बीत जाने के बाद भी यातायात के लिए खोला नहीं जा सका है। लगातार वादे पूरा न कर पाने के कारण विभाग की किरकिरी हो रही है, वहीं प्रभावित लोग आक्रोशित हैं।
अधिकारियों ने आज 26 नवंबर को यातायात सुचारु करने का वादा किया था। लेकिन पुल में पैनल और प्लेट लगाने का कार्य किया जा रहा है। प्रथम छोर को भरते हुए लगभग 40 प्रतिशत प्लेट लगा दी गई हैं। पैनल की लग रही लाइनों में अभी भी 45 पैनल लगाए जाने शेष हैं। बिना पैनल लगे यातायात को सुचारु नहीं किया जा सकता। काम को देख नहीं लगता कि पुल रविवार को शुरू हो पाएगा। सहायक अभियंता ललित तिवारी ने बताया कि पूरी कोशिश की जा रही है कि रविवार की शाम तक यातायात सुचारु कर दिया जाए। वहीं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नवीन पंत, पूर्व प्रधान तारा सिंह ने एनएच के अधिकारियों के काम में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते कहा कि यदि इस पुल को बनाने का कार्य सेना के पास होता तो अब तक पुल चालू हो गया होता।
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नेगी और उनका परिवार कर रहा है लोगों के वाहनों की देखभाल
ज्योलीकोट (नैनीताल)। वीरभट्टी पुल के सबसे नजदीक निवासी सामाजिक कार्यकर्ता इंदर सिंह नेगी और उनका परिवार वीरभट्टी पुल के प्रभावित वाशिंदों को न सिर्फ निशुल्क पार्किंग उपलब्ध करा रहे हैं बल्कि वाहनों की देखभाल भी कर रहे हैं। मार्ग अवरुद्ध होने से पुल तक आवाजाही करने वाले लोग अपने दुपहिया और चौपहिया वाहनों को नेगी के आवास और दुकान के अहाते में खड़ी कर रहे हैं। रात में तो बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग होती है। इंदर नेगी बताते हैं कि दिन में तो ज्यादा कोई समस्या नहीं होती है लेकिन रात में बार-बार बाहर आकर निरीक्षण करना पड़ता है। लेकिन संतोष इस बात का है कि लोगों की दिक्कतें कम हो रही हैं।
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बीते 25 सितंबर को गैस वाहन हादसे के बाद कुमायूं की लाइफ लाइन मानी जाने वाले उक्त मार्ग को दो माह बीत जाने के बाद भी यातायात के लिए खोला नहीं जा सका है। लगातार वादे पूरा न कर पाने के कारण विभाग की किरकिरी हो रही है, वहीं प्रभावित लोग आक्रोशित हैं।
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अधिकारियों ने आज 26 नवंबर को यातायात सुचारु करने का वादा किया था। लेकिन पुल में पैनल और प्लेट लगाने का कार्य किया जा रहा है। प्रथम छोर को भरते हुए लगभग 40 प्रतिशत प्लेट लगा दी गई हैं। पैनल की लग रही लाइनों में अभी भी 45 पैनल लगाए जाने शेष हैं। बिना पैनल लगे यातायात को सुचारु नहीं किया जा सकता। काम को देख नहीं लगता कि पुल रविवार को शुरू हो पाएगा। सहायक अभियंता ललित तिवारी ने बताया कि पूरी कोशिश की जा रही है कि रविवार की शाम तक यातायात सुचारु कर दिया जाए। वहीं पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नवीन पंत, पूर्व प्रधान तारा सिंह ने एनएच के अधिकारियों के काम में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते कहा कि यदि इस पुल को बनाने का कार्य सेना के पास होता तो अब तक पुल चालू हो गया होता।
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नेगी और उनका परिवार कर रहा है लोगों के वाहनों की देखभाल
ज्योलीकोट (नैनीताल)। वीरभट्टी पुल के सबसे नजदीक निवासी सामाजिक कार्यकर्ता इंदर सिंह नेगी और उनका परिवार वीरभट्टी पुल के प्रभावित वाशिंदों को न सिर्फ निशुल्क पार्किंग उपलब्ध करा रहे हैं बल्कि वाहनों की देखभाल भी कर रहे हैं। मार्ग अवरुद्ध होने से पुल तक आवाजाही करने वाले लोग अपने दुपहिया और चौपहिया वाहनों को नेगी के आवास और दुकान के अहाते में खड़ी कर रहे हैं। रात में तो बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग होती है। इंदर नेगी बताते हैं कि दिन में तो ज्यादा कोई समस्या नहीं होती है लेकिन रात में बार-बार बाहर आकर निरीक्षण करना पड़ता है। लेकिन संतोष इस बात का है कि लोगों की दिक्कतें कम हो रही हैं।