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नगर पंचायत भीमताल अब बन सकती है पालिका
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:36 AM IST
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भीमताल (नैनीताल)। नगर पंचायत के सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद अब नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उच्चीकृत होना तय माना जा रहा है। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद अब दस ग्राम सभाओं का आंशिक भाग भी नगर पंचायत के दायरे में आ जाएगा। सरकार के इस फैसले से नगर क्षेत्र के लोगों में खुशी है।
नगर पंचायत भीमताल का गठन 23 मार्च 1978 को हुआ था, तब इसका क्षेत्रफल 3.95 वर्ग किलोमीटर और आबादी बेहद कम थी। इससे पहले यह नोटिफाइड शहरी क्षेत्र थी। नगर पंचायत गठित होने के बाद से लेकर अब तक भीमताल क्षेत्र की जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है और इस अवधि में यहां विकास भवन और शिक्षा भवन के दर्जनों सरकारी कार्यालयों के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के कई दफ्तर, शिक्षण संस्थान आदि स्थापित हो चुके हैं। नगर पंचायत के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 में भीमताल की जनसंख्या 7718 थी जबकि अब यह बढ़कर 15 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा यदि सैलानियों और अन्य आने जाने वाले लोगों को भी इसमें जोड़ लिया जाए तो यह संख्या 2 लाख 30 हजार के करीब है। जबकि संसाधन और सुविधाएं वर्ष 1978 वाली ही हैं।
इसी साल मई में नगर पंचायत ने शहरी विकास निदेशालय के सचिव की मांग पर सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के तहत ग्रामसभा जून स्टेट और भक्त्यूड़ा के संपूर्ण भाग के साथ साथ ग्रामसभा मेहरागांव ल्वेशाल, ढुंगशिल, ढुंगशिल रावत, ढुंगशिल साह, ढुंगशिल मल्ला, पांडेगांव, बोहरागांव, थपलिया मेहरागांव, नौल, बिजरौली, शिलौटी पंत, सौनगांव, बहेड़ीगांव व सांगुड़ीगांव के आंशिक हिस्से को नगर पंचायत की सीमा में शामिल कराने की मांग की थी। इसे बुधवार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही अब नगर पंचायत का रकबे में 1457.308 हेक्टेयर का इजाफा हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर उक्त ग्रामसभाओं की लगभग सात हजार से अधिक की आबादी नगर पंचायत की सीमा में आ जाएगी।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नगर पंचायत भीमताल को नगर पालिका के रूप में उच्चीकृत करने की घोषणा भी की थी। इसके बाद ही शासन ने सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव मांगा था। लिहाजा माना जा रहा है कि सीमा विस्तार को हरी झंडी मिलने के बाद अब नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उच्चीकरण होने का रास्ता साफ हो गया है।
मंत्रिमंडल के फैसले के विरोध में पंचायत प्रतिनिधि
शासन द्वारा नगर पंचायत सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दिए जाने की खबर मिलते ही पंचायतों में राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे गांवों में रह रहे लोगों को अतिरिक्त करों का भुगतान नगर पंचायत को करना पड़ेगा और गांवों का विकास ठप हो जाएगा। ढुंगशिल के प्रधान मदन मोहन तिवारी और सौनगांव के प्रधान गिरीश पांडे ने सरकार के इस फैसले को पूरी तरह गांवों में रह रहे लोगों के खिलाफ बताया। ऐसे में सरकार के इस फैसले के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधि जल्द ही सड़कों पर नजर आ सकते हैं।
भवाली नगर पालिका में शामिल होंगे पांच गांव
मंत्रिमंडल द्वारा नगर पालिका के सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दिए जाने के बाद नगर पालिका से लगे श्यामखेत, कहलक्वीरा, सेनिटोरियम, नगारीगांव और ल्वेशाल नगर पालिका की सीमा में शामिल हो जाएंगे। इससे नगर पालिका का 583.764 हेक्टेयर रकबा बढ़ेगा।
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नगर पंचायत भीमताल का गठन 23 मार्च 1978 को हुआ था, तब इसका क्षेत्रफल 3.95 वर्ग किलोमीटर और आबादी बेहद कम थी। इससे पहले यह नोटिफाइड शहरी क्षेत्र थी। नगर पंचायत गठित होने के बाद से लेकर अब तक भीमताल क्षेत्र की जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि हुई है और इस अवधि में यहां विकास भवन और शिक्षा भवन के दर्जनों सरकारी कार्यालयों के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के कई दफ्तर, शिक्षण संस्थान आदि स्थापित हो चुके हैं। नगर पंचायत के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 में भीमताल की जनसंख्या 7718 थी जबकि अब यह बढ़कर 15 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके अलावा यदि सैलानियों और अन्य आने जाने वाले लोगों को भी इसमें जोड़ लिया जाए तो यह संख्या 2 लाख 30 हजार के करीब है। जबकि संसाधन और सुविधाएं वर्ष 1978 वाली ही हैं।
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इसी साल मई में नगर पंचायत ने शहरी विकास निदेशालय के सचिव की मांग पर सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव के तहत ग्रामसभा जून स्टेट और भक्त्यूड़ा के संपूर्ण भाग के साथ साथ ग्रामसभा मेहरागांव ल्वेशाल, ढुंगशिल, ढुंगशिल रावत, ढुंगशिल साह, ढुंगशिल मल्ला, पांडेगांव, बोहरागांव, थपलिया मेहरागांव, नौल, बिजरौली, शिलौटी पंत, सौनगांव, बहेड़ीगांव व सांगुड़ीगांव के आंशिक हिस्से को नगर पंचायत की सीमा में शामिल कराने की मांग की थी। इसे बुधवार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही अब नगर पंचायत का रकबे में 1457.308 हेक्टेयर का इजाफा हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर उक्त ग्रामसभाओं की लगभग सात हजार से अधिक की आबादी नगर पंचायत की सीमा में आ जाएगी।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नगर पंचायत भीमताल को नगर पालिका के रूप में उच्चीकृत करने की घोषणा भी की थी। इसके बाद ही शासन ने सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव मांगा था। लिहाजा माना जा रहा है कि सीमा विस्तार को हरी झंडी मिलने के बाद अब नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उच्चीकरण होने का रास्ता साफ हो गया है।
मंत्रिमंडल के फैसले के विरोध में पंचायत प्रतिनिधि
शासन द्वारा नगर पंचायत सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दिए जाने की खबर मिलते ही पंचायतों में राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे गांवों में रह रहे लोगों को अतिरिक्त करों का भुगतान नगर पंचायत को करना पड़ेगा और गांवों का विकास ठप हो जाएगा। ढुंगशिल के प्रधान मदन मोहन तिवारी और सौनगांव के प्रधान गिरीश पांडे ने सरकार के इस फैसले को पूरी तरह गांवों में रह रहे लोगों के खिलाफ बताया। ऐसे में सरकार के इस फैसले के खिलाफ पंचायत प्रतिनिधि जल्द ही सड़कों पर नजर आ सकते हैं।
भवाली नगर पालिका में शामिल होंगे पांच गांव
मंत्रिमंडल द्वारा नगर पालिका के सीमा विस्तार संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दिए जाने के बाद नगर पालिका से लगे श्यामखेत, कहलक्वीरा, सेनिटोरियम, नगारीगांव और ल्वेशाल नगर पालिका की सीमा में शामिल हो जाएंगे। इससे नगर पालिका का 583.764 हेक्टेयर रकबा बढ़ेगा।