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भड़का वन कर्मचारी संघ
Updated Tue, 20 Feb 2018 02:13 AM IST
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हल्द्वानी। अवैध खनन रोकने जा रहे वन कर्मियों के साथ मारपीट, लालकुआं कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने पर कर्मचारी संगठन भड़क गए हैं। उन्होंने लालकुआं कोतवाल को हटाने, वन कर्मियों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। 20 फरवरी तक हमलावर की गिरफ्तारी न होने पर 21 फरवरी से कार्यबहिष्कार की चेतावनी दी है। इस बाबत उन्होंने आईजी, एसपी सिटी से भी मुलाकात की।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के गोलज्यू सभागार में सोमवार को विभिन्न संगठनों ने संयुक्त बैठक की। वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार अवैध खनन रोकने पर जोर देती है, दूसरी तरफ पुलिस खनन माफिया से साठगांठ कर वन कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालकुआं कोतवाली में खनन माफिया के खिलाफ पहले तो मुकदमा दर्ज नहीं होता है, जैसे तैसे मुकदमा दर्ज हो जाए तो गिरफ्तारी नहीं होती है। आए दिन पुलिस वन कर्मियों के साथ अभद्रता करती है। इस मौके पर सभी संगठनों ने फैसला लिया गया कि लालकुआं पुलिस स्टाफ बदलने, वन कर्मियों पर दर्ज मुकदमे वापस होने, हमलावर की गिरफ्तारी होने पर ही फील्ड स्टाफ अवैध खनन रोकेगा। इधर कर्मचारी संगठनों ने आईजी पूरन सिंह रावत, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। उन्होंने पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये के बारे में बताया। इस पर अफसरों ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं कर्मचारी संगठनों ने वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते को भी ज्ञापन सौंपा तो उन्होंने प्रमुख वन संरक्षक से वार्ता कर डीजीपी से बात करने को कहा। इस दौरान चंद्रशेखर सनवाल, तनवीर असगर, शशिवर्धन अधिकारी, ललित ग्वाल, गिरजेश कांडपाल, कैलाश चंद्र कपिल, ललित हर्बोला, दीवान सिंह रौतेला, राकेश चंद्र पंत, नवीन सिंह, इंद्रलाल, धन सिंह अधिकारी, किशोर सिंह धपोला, भूपाल सिंह आदि थे।
लालकुआं कोतवाली पुलिस बदलने तक अवैध खनन नहीं रोकेंगे
आरोप, खनन माफिया के खिलाफ दर्ज केस नहीं करती लालकुआं पुलिस, वन कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया
गौला रेंजर ने डीएफओ से लिखित शिकायत की
गौला रेंजर गणेश त्रिपाठी ने वन कर्मियों पर मुकदमा दर्ज होने, मारपीट की घटना की लिखित सूचना डीएफओ नीतिश मणि त्रिपाठी को दे दी है। इसमें लालकुआं कोतवाली पर वन कर्मियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। उन्होंने उच्च स्तर पर अधिकारियों से वार्ता कर लालकुआं पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं लालकुआं के अनुभाग अधिकारी कैलाश चंद्र कपिल ने गौला नदी में गश्त, अवैध खनन की रोकथाम करने पर हाथ खड़े कर दिए हैं। कपिल ने डीएफओ को पत्र लिखा। बताया कि खनन माफिया को लालकुआं पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। माफिया आए दिन वन कर्मियों के साथ मारपीट करते हैं। पुलिस भी उल्टा कर्मियों को धमकाती है। ऐसे हालात में नदी में गश्त, अवैध खनन रोकना मुश्किल है। उन्होंने डीएफओ से कार्रवाई की मांग की है।
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तराई पूर्वी वन प्रभाग के गोलज्यू सभागार में सोमवार को विभिन्न संगठनों ने संयुक्त बैठक की। वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार अवैध खनन रोकने पर जोर देती है, दूसरी तरफ पुलिस खनन माफिया से साठगांठ कर वन कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालकुआं कोतवाली में खनन माफिया के खिलाफ पहले तो मुकदमा दर्ज नहीं होता है, जैसे तैसे मुकदमा दर्ज हो जाए तो गिरफ्तारी नहीं होती है। आए दिन पुलिस वन कर्मियों के साथ अभद्रता करती है। इस मौके पर सभी संगठनों ने फैसला लिया गया कि लालकुआं पुलिस स्टाफ बदलने, वन कर्मियों पर दर्ज मुकदमे वापस होने, हमलावर की गिरफ्तारी होने पर ही फील्ड स्टाफ अवैध खनन रोकेगा। इधर कर्मचारी संगठनों ने आईजी पूरन सिंह रावत, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। उन्होंने पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये के बारे में बताया। इस पर अफसरों ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं कर्मचारी संगठनों ने वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते को भी ज्ञापन सौंपा तो उन्होंने प्रमुख वन संरक्षक से वार्ता कर डीजीपी से बात करने को कहा। इस दौरान चंद्रशेखर सनवाल, तनवीर असगर, शशिवर्धन अधिकारी, ललित ग्वाल, गिरजेश कांडपाल, कैलाश चंद्र कपिल, ललित हर्बोला, दीवान सिंह रौतेला, राकेश चंद्र पंत, नवीन सिंह, इंद्रलाल, धन सिंह अधिकारी, किशोर सिंह धपोला, भूपाल सिंह आदि थे।
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लालकुआं कोतवाली पुलिस बदलने तक अवैध खनन नहीं रोकेंगे
आरोप, खनन माफिया के खिलाफ दर्ज केस नहीं करती लालकुआं पुलिस, वन कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया
गौला रेंजर ने डीएफओ से लिखित शिकायत की
गौला रेंजर गणेश त्रिपाठी ने वन कर्मियों पर मुकदमा दर्ज होने, मारपीट की घटना की लिखित सूचना डीएफओ नीतिश मणि त्रिपाठी को दे दी है। इसमें लालकुआं कोतवाली पर वन कर्मियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। उन्होंने उच्च स्तर पर अधिकारियों से वार्ता कर लालकुआं पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं लालकुआं के अनुभाग अधिकारी कैलाश चंद्र कपिल ने गौला नदी में गश्त, अवैध खनन की रोकथाम करने पर हाथ खड़े कर दिए हैं। कपिल ने डीएफओ को पत्र लिखा। बताया कि खनन माफिया को लालकुआं पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। माफिया आए दिन वन कर्मियों के साथ मारपीट करते हैं। पुलिस भी उल्टा कर्मियों को धमकाती है। ऐसे हालात में नदी में गश्त, अवैध खनन रोकना मुश्किल है। उन्होंने डीएफओ से कार्रवाई की मांग की है।
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