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दिवंगत कार्मिकों की भी लगा दी चुनाव ड्यूटी
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हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव कराने के लिए तैयार की गई कार्मिकों की सूची में विभागों से सेवानिवृत्त हो चुके कार्मिकों के अलावा कई ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो अब इस दुनिया में हैं ही नहीं। इन सभी कार्मिकों की चुनाव ड्यूटी भी लगा दी गई। चुनाव ड्यूटी के आदेश जारी होने के बाद जब ये लोग प्रशिक्षण में नहीं पहुंचे तो वस्तुस्थिति सामने आई। अब ड्यूटी में संशोधन का काम शुरू कर दिया गया है।
जिले में लोकसभा चुनाव कराने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग ड्यूटी सौंपी गई है। इनमें सहायक अध्यापक मयंक पंत समेत हरेंद्र सिंह मेट, राम लाल ऐसे कार्मिक हैं जिनका निधन हो चुका है लेकिन इनकी भी चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा पिछले साल 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके प्रवक्ता रघुवीर सिंह खाती, इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे राइंका ल्वेशाल के एसके दीक्षित, 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो चुके हरीश चंद्र लोहनी, 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो चुके पूरन जोशी व गिरधर सिंह बिष्ट की भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई।
सूत्रों के मुताबिक जब ये लोग प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं हुए तो उनकी खोजबीन हुई। पता चला कि वह या तो विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं या फिर अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अब जिला निर्वाचन अधिकारियों ने इस सूची में संशोधन का काम शुरू कर दिया है।
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रिटायर्ड और दिवंगत कार्मिकों की भी लगा दी चुनाव ड्यूटी
प्रशिक्षण में न पहुचंने के बाद खुला मामला तो हुआ सूची में संशोधन
कोई खुद बीमार, किसी की पत्नी बीमार
अब तक 67 ने किया ड्यूटी कटवाने को आवेदन
हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव में जिन कार्मिकों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी उनमें से अब तक 69 कार्मिकों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र देकर चुनाव ड्यूटी कटवाने अथवा उसमें संशोधन कराने की मांग की है। इनमें कुछ ने खुद के बीमार होने का तो कुछ ने वार्षिक श्राद्ध के कारणों का हवाला दिया है। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी/सीडीओ विनीत कुमार ने बताया कि सभी आवेदन पत्रों की जांच करने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी और बीमार कार्मिकों के मामले मेडिकल बोर्ड को हस्तांतरित होंगे।
अपने-अपने कारण
-सहायक अध्यापक गिरीश चंद्र भट्ट ने माता जी का निधन होने के कारण
-मदन रावत ने क्षयरोग अस्पताल में भर्ती होने के कारण
-संजय तिवारी ने चंपावत स्थानांतरण होने के कारण
-चंद्रशेखर भट्ट ने हृदय रोग से ग्रस्त होने के कारण
-शैलेंद्र कुमार मिश्रा और नारायण सिंह ने पिता का निधन होने के कारण
-चंदन सिंह ढैला ने पत्नी के बीमार होेने के कारण
22 का आवेदन, छह की ड्यूटी रद्द
हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव में ड्यूटी रद्द कराने के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है। दो दिन के भीतर मेडिकल बोर्ड के समक्ष 22 लोगों ने आवेदन किया और छह की ड्यूटी रद्द करने की सिफारिश की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि छह कर्मियों की ड्यूटी रद्द कर दी गई है। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। बोर्ड में बुधवार को दो और शुक्रवार को 20 आवेदन आए। एक कर्मचारी को गुर्दा संबंधी रोग है और उसकी डायलिसिस चल रही है जबकि दो महिलाएं गर्भवती हैं। दो कर्मी कैंसर से पीड़ित हैं। एक कर्मी को आंख संबंधी दिक्कत है। मेडिकल बोर्ड ने परीक्षण करने के बाद ड्यूटी रद्द करने की सिफारिश की।
डायलिसिस, गर्भवती, कैंसर रोग और आंख संबंधी दिक्कत बनी कारण
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जिले में लोकसभा चुनाव कराने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग ड्यूटी सौंपी गई है। इनमें सहायक अध्यापक मयंक पंत समेत हरेंद्र सिंह मेट, राम लाल ऐसे कार्मिक हैं जिनका निधन हो चुका है लेकिन इनकी भी चुनाव ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा पिछले साल 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो चुके प्रवक्ता रघुवीर सिंह खाती, इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे राइंका ल्वेशाल के एसके दीक्षित, 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो चुके हरीश चंद्र लोहनी, 30 नवंबर को सेवानिवृत्त हो चुके पूरन जोशी व गिरधर सिंह बिष्ट की भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई।
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सूत्रों के मुताबिक जब ये लोग प्रशिक्षण में उपस्थित नहीं हुए तो उनकी खोजबीन हुई। पता चला कि वह या तो विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं या फिर अब इस दुनिया में ही नहीं हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अब जिला निर्वाचन अधिकारियों ने इस सूची में संशोधन का काम शुरू कर दिया है।
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रिटायर्ड और दिवंगत कार्मिकों की भी लगा दी चुनाव ड्यूटी
प्रशिक्षण में न पहुचंने के बाद खुला मामला तो हुआ सूची में संशोधन
कोई खुद बीमार, किसी की पत्नी बीमार
अब तक 67 ने किया ड्यूटी कटवाने को आवेदन
हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव में जिन कार्मिकों की चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी उनमें से अब तक 69 कार्मिकों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र देकर चुनाव ड्यूटी कटवाने अथवा उसमें संशोधन कराने की मांग की है। इनमें कुछ ने खुद के बीमार होने का तो कुछ ने वार्षिक श्राद्ध के कारणों का हवाला दिया है। अपर जिला निर्वाचन अधिकारी/सीडीओ विनीत कुमार ने बताया कि सभी आवेदन पत्रों की जांच करने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी और बीमार कार्मिकों के मामले मेडिकल बोर्ड को हस्तांतरित होंगे।
अपने-अपने कारण
-सहायक अध्यापक गिरीश चंद्र भट्ट ने माता जी का निधन होने के कारण
-मदन रावत ने क्षयरोग अस्पताल में भर्ती होने के कारण
-संजय तिवारी ने चंपावत स्थानांतरण होने के कारण
-चंद्रशेखर भट्ट ने हृदय रोग से ग्रस्त होने के कारण
-शैलेंद्र कुमार मिश्रा और नारायण सिंह ने पिता का निधन होने के कारण
-चंदन सिंह ढैला ने पत्नी के बीमार होेने के कारण
22 का आवेदन, छह की ड्यूटी रद्द
हल्द्वानी। लोकसभा चुनाव में ड्यूटी रद्द कराने के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया है। दो दिन के भीतर मेडिकल बोर्ड के समक्ष 22 लोगों ने आवेदन किया और छह की ड्यूटी रद्द करने की सिफारिश की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि छह कर्मियों की ड्यूटी रद्द कर दी गई है। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसबी ओली की अध्यक्षता में मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। बोर्ड में बुधवार को दो और शुक्रवार को 20 आवेदन आए। एक कर्मचारी को गुर्दा संबंधी रोग है और उसकी डायलिसिस चल रही है जबकि दो महिलाएं गर्भवती हैं। दो कर्मी कैंसर से पीड़ित हैं। एक कर्मी को आंख संबंधी दिक्कत है। मेडिकल बोर्ड ने परीक्षण करने के बाद ड्यूटी रद्द करने की सिफारिश की।
डायलिसिस, गर्भवती, कैंसर रोग और आंख संबंधी दिक्कत बनी कारण