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‘मैं पीड़ा का राजकुंवर हूं, तुम शहजादी रूप नगर की’
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:09 AM IST
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खटीमा। क से कविता के सौजन्य से थारू राजकीय इंटर कालेज में अजीमजी प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें गोपालदास नीरज को याद कर श्रद्धांजलि दी गई। साहित्यकार श्रीभगवान मिश्र ने प्रसिद्ध कवि गोपाल दास नीरज की रचना ‘दो गुलाब के फूल छू गए जब से होठ अपावन मेरे’ का पाठ कर गोष्ठी का शुभारंभ किया।
डा. सिद्धेश्वर सिंह ने ‘कानपुर आह आज याद तेरी आई’, डा. महेंद्र प्रताप पांडे ने ‘मैं पीड़ा का राजकुंवर हूं, तुम शहजादी रूप नगर की’, डा. चंद्रशेखर जोशी ने ‘ज्ञानी हो फिर भी न कर दुर्जन संग निवास’, रावेंद्र कुमार रवि ने ‘हम तो मस्त फकीर हमारा कोई नहीं ठिकाना रे’ का पाठ कर तालियां बटोरी। इसके अलावा जयशंकर चौबे, डा. रूपचंद्र शास्त्री मयंक, कैलाश चंद्र पांडे, सोनू त्रिपाठी, मनीषा उपाध्याय, डा. जगदीश पंत कुमुद, आकाश कुमार, राधा तिवारी और नरेश चंद्र तिवारी ने भी कविता पाठ किया।
वहां प्रधानाचार्य संतोष कुमार, जरपुताज, मोहम्मद अहमद जमाल, रघुवर पांडे, वीरेंद्रधर द्विवेदी, शैलकुमारी, पवन यादव, रामरतन यादव, दिव्य प्रकाश जोशी आदि थे।
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डा. सिद्धेश्वर सिंह ने ‘कानपुर आह आज याद तेरी आई’, डा. महेंद्र प्रताप पांडे ने ‘मैं पीड़ा का राजकुंवर हूं, तुम शहजादी रूप नगर की’, डा. चंद्रशेखर जोशी ने ‘ज्ञानी हो फिर भी न कर दुर्जन संग निवास’, रावेंद्र कुमार रवि ने ‘हम तो मस्त फकीर हमारा कोई नहीं ठिकाना रे’ का पाठ कर तालियां बटोरी। इसके अलावा जयशंकर चौबे, डा. रूपचंद्र शास्त्री मयंक, कैलाश चंद्र पांडे, सोनू त्रिपाठी, मनीषा उपाध्याय, डा. जगदीश पंत कुमुद, आकाश कुमार, राधा तिवारी और नरेश चंद्र तिवारी ने भी कविता पाठ किया।
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वहां प्रधानाचार्य संतोष कुमार, जरपुताज, मोहम्मद अहमद जमाल, रघुवर पांडे, वीरेंद्रधर द्विवेदी, शैलकुमारी, पवन यादव, रामरतन यादव, दिव्य प्रकाश जोशी आदि थे।
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