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दो दिन से पेयजल सप्लाई ठप, पानी को तरसा आधा नगर
Updated Mon, 09 Jul 2018 02:17 AM IST
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ट्रांसफार्मर फूंकने से छह गांव में पानी का संकट
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। सरोवर नगरी में लोग दो दिन से पानी को तरस रहे हैं। नहाने धोने से लेकर खाना बनाने और कपड़े धोने तक को पानी नहीं मिल पा रहा है। आधे नगर की सप्लाई पूरी तरह से ठप है। सभी नल सूखे पड़े रहे। लोग बूंद बूंद पानी को तरस गए।
लोग रात को 12 बजे बाल्टी लिए सड़कों पर देखे गए। एडीबी के अधिकारियों ने लोगों के फोन तक उठाने बंद कर दिए। एडीबी ने फाल्ट होने के दौरान पेयजल सप्लाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की थी। सप्लाई ठप होने से 1500 से ज्यादा घरों के हजारों लोगों को पानी नहीं मिला। शनिवार सुबह से शुरू हुआ पेयजल संकट रविवार देर शाम तक बना रहा। अधिकारी पहले फाल्ट नहीं ढूंढ पाए और जब फाल्ट मिला तो रिपेयर करने के लिए सामान नहीं मिल सका। डीएम विनोद कुमार सुमन ने एडीबी और जलसंस्थान के अधिकारियों को समस्या को तुरंत दूर करने के निर्देश दिये। इसके बाद भी फाल्ट सही होने में दो दिन से ज्यादा समय लग गया। जलसंस्थान के ईई बीसी पाल, एई दिलीप सिंह बिष्ट ने बताया कि इस लाइन के रखरखाव की जिम्मेदारी एडीबी की है क्योंकि यह लाइन जलसंस्थान को स्थानांतरित नहीं हुई है। एडीबी के परियोजना प्रबंधक दुर्गेश पंत ने बताया कि समय रहते फॉल्ट तलाश लिया गया था, लेकिन रिपेयरिंग के लिए सामान उपलब्ध न होने के कारण दो दिन का समय लग गया।
दो दिन से पानी का संकट, पहले फाल्ट नहीं मिला फिर रिपेयरिंग का सामान
1500 से ज्यादा घरों के हजारों लोगों को नहीं मिला पानी
तीन साल में ही मुख्य लाइन का बंटाधार
नैनीताल। 25 साल तक नगर की जनसंख्या को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का वादा करके डाली गई नई पाइप लाइन शुरूआत में ही लड़खड़ाने लगी है। तीन साल पहले डाली गई पाइप लाइन शनिवार को ही धड़ाम हो जाएगी इसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। खुद लाइन बिछाने वाली संस्था एडीबी ने भी यह नहीं सोचा था। शायद यही कारण रहा कि विभाग ने इस तरह की समस्या से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं की थी। लोग दो दिन तक पानी को तरसते रहे और अधिकारी कुछ घंटे में फाल्ट ठीक होने की बात कहकर टालते रहे।
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एडीबी का कार्यालय ही नहीं मिला
लोग शिकायत करने जलसंस्थान पहुंचे तो अधिकारियों ने एडीबी जाने की सलाह दे डाली। लोग एडीबी का कार्यालय तलाशने के लिए मल्लीताल पहुंचे लेकिन नहीं मिला। ऐसा विभाग की ओर से ऑफिस के बाहर कोई बोर्ड न लगाए जाने के कारण हुआ। भाजपा नेता पूरन मेहरा ने बताया कि नगर में पेयजल समस्या आगे और विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने इस तथ्य से अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
पहले दो घंटे में ठीक हो जाता था फाल्ट
जलसंस्थान के एई दिलीप बिष्ट ने बताया कि पहले भी इस तरह के फाल्ट आते रहे हैं, लेकिन तब इतना समय नहीं लगता था। अब तक जलसंस्थान वेल्डिंग करके फाल्ट को दो से तीन घंटे में ठीक कर देता था। अब वेल्डिंग सिस्टम को खत्म कर दिया गया है इसलिए फाल्ट ठीक होने में इतना लंबा समय लग गया।
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लोग रात को 12 बजे बाल्टी लिए सड़कों पर देखे गए। एडीबी के अधिकारियों ने लोगों के फोन तक उठाने बंद कर दिए। एडीबी ने फाल्ट होने के दौरान पेयजल सप्लाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की थी। सप्लाई ठप होने से 1500 से ज्यादा घरों के हजारों लोगों को पानी नहीं मिला। शनिवार सुबह से शुरू हुआ पेयजल संकट रविवार देर शाम तक बना रहा। अधिकारी पहले फाल्ट नहीं ढूंढ पाए और जब फाल्ट मिला तो रिपेयर करने के लिए सामान नहीं मिल सका। डीएम विनोद कुमार सुमन ने एडीबी और जलसंस्थान के अधिकारियों को समस्या को तुरंत दूर करने के निर्देश दिये। इसके बाद भी फाल्ट सही होने में दो दिन से ज्यादा समय लग गया। जलसंस्थान के ईई बीसी पाल, एई दिलीप सिंह बिष्ट ने बताया कि इस लाइन के रखरखाव की जिम्मेदारी एडीबी की है क्योंकि यह लाइन जलसंस्थान को स्थानांतरित नहीं हुई है। एडीबी के परियोजना प्रबंधक दुर्गेश पंत ने बताया कि समय रहते फॉल्ट तलाश लिया गया था, लेकिन रिपेयरिंग के लिए सामान उपलब्ध न होने के कारण दो दिन का समय लग गया।
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दो दिन से पानी का संकट, पहले फाल्ट नहीं मिला फिर रिपेयरिंग का सामान
1500 से ज्यादा घरों के हजारों लोगों को नहीं मिला पानी
तीन साल में ही मुख्य लाइन का बंटाधार
नैनीताल। 25 साल तक नगर की जनसंख्या को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने का वादा करके डाली गई नई पाइप लाइन शुरूआत में ही लड़खड़ाने लगी है। तीन साल पहले डाली गई पाइप लाइन शनिवार को ही धड़ाम हो जाएगी इसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। खुद लाइन बिछाने वाली संस्था एडीबी ने भी यह नहीं सोचा था। शायद यही कारण रहा कि विभाग ने इस तरह की समस्या से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं की थी। लोग दो दिन तक पानी को तरसते रहे और अधिकारी कुछ घंटे में फाल्ट ठीक होने की बात कहकर टालते रहे।
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एडीबी का कार्यालय ही नहीं मिला
लोग शिकायत करने जलसंस्थान पहुंचे तो अधिकारियों ने एडीबी जाने की सलाह दे डाली। लोग एडीबी का कार्यालय तलाशने के लिए मल्लीताल पहुंचे लेकिन नहीं मिला। ऐसा विभाग की ओर से ऑफिस के बाहर कोई बोर्ड न लगाए जाने के कारण हुआ। भाजपा नेता पूरन मेहरा ने बताया कि नगर में पेयजल समस्या आगे और विकराल रूप ले सकती है। उन्होंने इस तथ्य से अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
पहले दो घंटे में ठीक हो जाता था फाल्ट
जलसंस्थान के एई दिलीप बिष्ट ने बताया कि पहले भी इस तरह के फाल्ट आते रहे हैं, लेकिन तब इतना समय नहीं लगता था। अब तक जलसंस्थान वेल्डिंग करके फाल्ट को दो से तीन घंटे में ठीक कर देता था। अब वेल्डिंग सिस्टम को खत्म कर दिया गया है इसलिए फाल्ट ठीक होने में इतना लंबा समय लग गया।