{"_id":"5b01d9f94f1c1bd9408b6c1e","slug":"15268479882-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नैनीताल बैंक के बॉब में विलय को लेकर खिंचीं तलवारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नैनीताल बैंक के बॉब में विलय को लेकर खिंचीं तलवारें
Updated Mon, 21 May 2018 02:03 AM IST
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नैनीताल। राज्य के प्रमुख बैंक नैनीताल बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय होने न होने का फैसला सोमवार नैनीताल में होगा। इसके लिए सुनवाई करने क्षेत्रीय संसद भगत सिंह कोश्यारी की अगुवाई वाली संसदीय समिति के सदस्य रविवार को यहां पहुंच गए। विलय की पैरवी करने बैंक ऑफ बड़ौदा के अध्यक्ष खुद पहुंच रहे हैं जबकि डीजीएम अशोक गर्ग देर शाम यहां पहुंच गए। विलय को लेकर बैंक की ऑफिसर्स यूनियन और बैंक स्टाफ यूनियन के बीच तलवारें खिंच गईं हैं।
नैनीताल बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कर दिए जाने की मांग को लेकर नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन ने संसद की याचिका समिति के समक्ष याचिका दायर कर रखी है। उधर, नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन ने इस मांग का विरोध किया है जिससे दोनों यूनियनों में ठन गई है। याचिका पर सोमवार को नैनीताल आ रही याचिका समिति के समक्ष सुनवाई होगी। सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी व सीईओ भी नैनीताल में रहेंगे। नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने नैनीताल बैंक को निजी हाथों में न दिये जाने और इसके बजाय जगह इसका इसके प्रायोजक बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कर दिये जाने की मांग की है। दूसरी ओर नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन इसके विरोध में है। एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण साह ने बताया कि सोमवार को बैंक मुख्यालय में इस मांग का एसोसिएशन की ओर से जबरदस्त विरोध किया जाएगा। इसकी तैयारी जोरों पर है। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि विलय किये जाने के बजाय उत्तराखंड सरकार इस बैंक को ले ले। उन्होंने कहा कि बैंक स्थानीय लोगों के रोजगार के अलावा सरकार के लिए राजस्व का भी बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के नाम पर बैंक के विलय की तैयारी है।
यह भी जानें
नैनीताल बैंक की स्थापना 1922 में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने कुछ साथियों के साथ मिलकर की थी। वर्तमान में इसकी देश के पांच राज्यों में 135 शाखाएं हैं।
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अध्यक्ष का पक्ष
नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन ने संसदीय समिति के समय इसका बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किये जाने को याचिका दायर की है। बैंक डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। भविष्य में बैंक की 8 नई शाखाएं खोलने खोली जानी प्रस्तावित हैं साथ ही एटीएम की संख्या वर्तमान 27 से बढ़ाकर 50 व पीओएस मशीनों की संख्या 987 से बढ़कर 1000 की जानी है। फिनेकल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर जाकर बैंक कोट डिजिटलाइज किये जाने की योजना है। आधुनिक बैंकिंग के लिए यह एक आवश्यक है।
- मुकेश शर्मा, अध्यक्ष नैनीताल बैंक
नैनीताल में केवल इसी प्रकरण की सुनवाई होगी
नैनीताल। क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अमर उजाला को बताया कि संसदीय याचिका समिति सोमवार से 24 मई तक कुमाऊं में अनेक मामलों की सुनवाई करेगी। सोमवार को समिति नैनीताल में मनु महारानी होटल में आयोजित बैठक में केवल नैनीताल बैंक के विलय पर विभिन्न पक्षों को सुनेगी। समिति 22 मई को रानीखेत में प्रधानमंत्री मुद्रा योजनाएं, 23 मई को अल्मोड़ा में वन विभाग और 24 मई को कौसानी में पर्यावरण संबंधी विषयों पर सुनवाई करेगी।
ये भी होंगे शामिल
पूर्व रेल मंत्री और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सांसद दिनेश त्रिवेदी, त्रिपुरा पूर्वी सीट से सीपीआई के सांसद जितेंद्र चौधरी, एआईडीएमके सांसद डॉ. के गोपाल, राजस्थान के भाजपा सांसद ओम बिड़ला, बिहार से भाजपा सांसद छेड़ी पासवान, यूपी से भाजपा सांसद कमलेश पासवान, जयपुर से कांग्रेस सांसद सीपी जोशी, हिमाचल से कांग्रेस सांसद रामकुमार चौधरी शामिल हैं।
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नैनीताल बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कर दिए जाने की मांग को लेकर नैनीताल बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन ने संसद की याचिका समिति के समक्ष याचिका दायर कर रखी है। उधर, नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन ने इस मांग का विरोध किया है जिससे दोनों यूनियनों में ठन गई है। याचिका पर सोमवार को नैनीताल आ रही याचिका समिति के समक्ष सुनवाई होगी। सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी व सीईओ भी नैनीताल में रहेंगे। नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने नैनीताल बैंक को निजी हाथों में न दिये जाने और इसके बजाय जगह इसका इसके प्रायोजक बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कर दिये जाने की मांग की है। दूसरी ओर नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन इसके विरोध में है। एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण साह ने बताया कि सोमवार को बैंक मुख्यालय में इस मांग का एसोसिएशन की ओर से जबरदस्त विरोध किया जाएगा। इसकी तैयारी जोरों पर है। उन्होंने कहा कि यूनियन की मांग है कि विलय किये जाने के बजाय उत्तराखंड सरकार इस बैंक को ले ले। उन्होंने कहा कि बैंक स्थानीय लोगों के रोजगार के अलावा सरकार के लिए राजस्व का भी बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन के नाम पर बैंक के विलय की तैयारी है।
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यह भी जानें
नैनीताल बैंक की स्थापना 1922 में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने कुछ साथियों के साथ मिलकर की थी। वर्तमान में इसकी देश के पांच राज्यों में 135 शाखाएं हैं।
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अध्यक्ष का पक्ष
नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन ने संसदीय समिति के समय इसका बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किये जाने को याचिका दायर की है। बैंक डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। भविष्य में बैंक की 8 नई शाखाएं खोलने खोली जानी प्रस्तावित हैं साथ ही एटीएम की संख्या वर्तमान 27 से बढ़ाकर 50 व पीओएस मशीनों की संख्या 987 से बढ़कर 1000 की जानी है। फिनेकल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर जाकर बैंक कोट डिजिटलाइज किये जाने की योजना है। आधुनिक बैंकिंग के लिए यह एक आवश्यक है।
- मुकेश शर्मा, अध्यक्ष नैनीताल बैंक
नैनीताल में केवल इसी प्रकरण की सुनवाई होगी
नैनीताल। क्षेत्रीय सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने अमर उजाला को बताया कि संसदीय याचिका समिति सोमवार से 24 मई तक कुमाऊं में अनेक मामलों की सुनवाई करेगी। सोमवार को समिति नैनीताल में मनु महारानी होटल में आयोजित बैठक में केवल नैनीताल बैंक के विलय पर विभिन्न पक्षों को सुनेगी। समिति 22 मई को रानीखेत में प्रधानमंत्री मुद्रा योजनाएं, 23 मई को अल्मोड़ा में वन विभाग और 24 मई को कौसानी में पर्यावरण संबंधी विषयों पर सुनवाई करेगी।
ये भी होंगे शामिल
पूर्व रेल मंत्री और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सांसद दिनेश त्रिवेदी, त्रिपुरा पूर्वी सीट से सीपीआई के सांसद जितेंद्र चौधरी, एआईडीएमके सांसद डॉ. के गोपाल, राजस्थान के भाजपा सांसद ओम बिड़ला, बिहार से भाजपा सांसद छेड़ी पासवान, यूपी से भाजपा सांसद कमलेश पासवान, जयपुर से कांग्रेस सांसद सीपी जोशी, हिमाचल से कांग्रेस सांसद रामकुमार चौधरी शामिल हैं।