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वकील और कर्मचारी संघ आमने-सामने आए
Updated Sat, 03 Feb 2018 02:17 AM IST
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नैनीताल। वकील और कलक्ट्रेट कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। वकीलों ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार पर आरोप लगाए। धरना, प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की, जबकि उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने बैठक कर वकीलों के आरोपों को निराधार बताया और अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिला बार एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह से कलक्ट्रेट में धरना, प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। बाद में मौके पर पहुंचे कमिश्नर चंद्रशेखर भट्ट को ज्ञापन देकर वकीलों ने बताया कि एसडीएम नैनीताल की कोर्ट प्रशिक्षु कोर्ट बनती जा रही है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिशंकर कंसल ने कहा कि फाइलों का अंबार लगा है। अधिकारी निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं। मौका मुआयने के बाद आदेश की बातें कही जा रही हैं। एडवोकेट दयाकृष्ण पोखरिया ने कहा कि एसडीएम कोर्ट में शासनादेश को दरकिनार कर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कमिश्नर से एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की। वकीलों के विरोध, प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष जयकृष्ण कांडपाल आदि कर्मचारियों ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बैठक की। कहा गया कि एसडीएम, अन्य अधिकारियों पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। अधिकारी अपना काम पूरी निष्ठा, ईमानदारी से करते हैं। गलत काम कराने के लिए अधिकारियों को परेशान किया जाता रहा है। शिकायतें, धरना, प्रदर्शन किए जाते हैं। कर्मचारी संघ ने कमिश्नर, डीएम समेत तमाम अधिकारियों को पत्र भेज कर चेतावनी दी कि अगर भविष्य में भी वकीलों ने गलत काम करने का दबाव बनाया तो कर्मचारी आंदोलन को बाध्य होंगे।
वकीलों ने एसडीएम, तहसीलदार के खिलाफ धरना, प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया
उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने भी वकीलों के खिलाफ ज्ञापन दिया
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जिला बार एसोसिएशन ने शुक्रवार सुबह से कलक्ट्रेट में धरना, प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। बाद में मौके पर पहुंचे कमिश्नर चंद्रशेखर भट्ट को ज्ञापन देकर वकीलों ने बताया कि एसडीएम नैनीताल की कोर्ट प्रशिक्षु कोर्ट बनती जा रही है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिशंकर कंसल ने कहा कि फाइलों का अंबार लगा है। अधिकारी निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं। मौका मुआयने के बाद आदेश की बातें कही जा रही हैं। एडवोकेट दयाकृष्ण पोखरिया ने कहा कि एसडीएम कोर्ट में शासनादेश को दरकिनार कर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कमिश्नर से एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की। वकीलों के विरोध, प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष जयकृष्ण कांडपाल आदि कर्मचारियों ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बैठक की। कहा गया कि एसडीएम, अन्य अधिकारियों पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। अधिकारी अपना काम पूरी निष्ठा, ईमानदारी से करते हैं। गलत काम कराने के लिए अधिकारियों को परेशान किया जाता रहा है। शिकायतें, धरना, प्रदर्शन किए जाते हैं। कर्मचारी संघ ने कमिश्नर, डीएम समेत तमाम अधिकारियों को पत्र भेज कर चेतावनी दी कि अगर भविष्य में भी वकीलों ने गलत काम करने का दबाव बनाया तो कर्मचारी आंदोलन को बाध्य होंगे।
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वकीलों ने एसडीएम, तहसीलदार के खिलाफ धरना, प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया
उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने भी वकीलों के खिलाफ ज्ञापन दिया