{"_id":"5ac902024f1c1bbb618b607e","slug":"151523122690-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद के नहीं पहुंचने से कुंवाली के आंदोलनकारी नाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद के नहीं पहुंचने से कुंवाली के आंदोलनकारी नाराज
Updated Sat, 07 Apr 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुंवाली में जन समस्याओं को लेकर आंदोलन जारी है। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा के नहीं पहुंचे से आंदोलनकारियों में आक्रोश है। टम्टा ने शनिवार को आंदोलनकारियों से वार्ता करने का भरोसा दिया था, लेकिन उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि अब उन्होंने नौ अप्रैल को आने का अश्वासन दिया है। इसके बाद ही वह लोग चक्काजाम और आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाएंगे।
मालूम हो कि कुंवाली में जन समस्याओं के निकराकण की मांग को लेकर पिछले 29 दिनों से धरना चल रहा है। शनिवार को सांसद अजय टम्टा ने कुंवाली पहुंचने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश है।
धरने के दौरान जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया गया। कहा कि पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों के दर्शन नहीं होते। क्षेत्र की सड़कों की हालत ठीक नहीं है। जिसके चलते पलायन हो रहा है। राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा तक नहीं खुल सकी है। इस बार आंदोलनकारी मांग पूरी होने के बाद ही धरना समाप्त करेंगे। धरने पर क्षेत्र के कई गांवों के लोग बैठे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालूम हो कि कुंवाली में जन समस्याओं के निकराकण की मांग को लेकर पिछले 29 दिनों से धरना चल रहा है। शनिवार को सांसद अजय टम्टा ने कुंवाली पहुंचने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश है।
विज्ञापन
धरने के दौरान जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया गया। कहा कि पिछड़ा क्षेत्र होने के कारण चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों के दर्शन नहीं होते। क्षेत्र की सड़कों की हालत ठीक नहीं है। जिसके चलते पलायन हो रहा है। राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा तक नहीं खुल सकी है। इस बार आंदोलनकारी मांग पूरी होने के बाद ही धरना समाप्त करेंगे। धरने पर क्षेत्र के कई गांवों के लोग बैठे थे।
विज्ञापन