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उतर प्रदेश सीमा ले लगे ग्रामों में बाढ का कहर बरकरार
Updated Thu, 17 Aug 2017 12:48 AM IST
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खटीमा। यूपी से लगी सीमा पर बारिश बंद होने के बाद भी बाढ़ का कहर बना हुआ है। ग्रामीण जलभराव के बीच से गुजर रहे हैं। जलभराव और बाढ़ से प्रभावित भगचुरी, नौसर, उलानी, जादमपुर, सुनपहर एवं दाह ढाकी आदि ग्रामों में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बादी के कगार पर है लेकिन पीड़ितों की सुध लेने अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है।
परवीन व अन्य नदियों का उफनता पानी गांगी, गिधौर, उलधन, बिसौटा, भड़ाभूड़िया, प्रतापपुर, सड़ासड़िया, सबौरा क्षेत्र से यूपी सीमा से लगे ग्रामों में ठहरा हुआ है। बीडीसी सदस्य शोभनाथ मौर्य की मानें तो जलभराव से निजात के लिए परवीन नदी को गहरा एवं चौड़ा कराने के प्रस्ताव शासन प्रशासन को दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण बताते हैं कि कई ग्रामों से निकलने वाली परवीन नदी पर दोनों ओर से अतिक्रमण हुए हैं।
ग्रामीण परवीन नदी को सौ मीटर चौड़ा करने की मांग उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऋण लेते समय फसल बीमे की किस्त तो ली जाती है, लेकिन बैंक बीमे का का लाभ नहीं देते। बैंक एवं सहकारी समितियां सौ पर 95 पैसे इंशोरेंस के काट लेते हैं। किसान राम प्रवेश राणा और छोटे लाल बताते हैं कि उनके वर्षों के प्रयास के बाद भी एक पैसा फसल बीमे का नहीं मिला है।
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परवीन व अन्य नदियों का उफनता पानी गांगी, गिधौर, उलधन, बिसौटा, भड़ाभूड़िया, प्रतापपुर, सड़ासड़िया, सबौरा क्षेत्र से यूपी सीमा से लगे ग्रामों में ठहरा हुआ है। बीडीसी सदस्य शोभनाथ मौर्य की मानें तो जलभराव से निजात के लिए परवीन नदी को गहरा एवं चौड़ा कराने के प्रस्ताव शासन प्रशासन को दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण बताते हैं कि कई ग्रामों से निकलने वाली परवीन नदी पर दोनों ओर से अतिक्रमण हुए हैं।
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ग्रामीण परवीन नदी को सौ मीटर चौड़ा करने की मांग उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऋण लेते समय फसल बीमे की किस्त तो ली जाती है, लेकिन बैंक बीमे का का लाभ नहीं देते। बैंक एवं सहकारी समितियां सौ पर 95 पैसे इंशोरेंस के काट लेते हैं। किसान राम प्रवेश राणा और छोटे लाल बताते हैं कि उनके वर्षों के प्रयास के बाद भी एक पैसा फसल बीमे का नहीं मिला है।
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