{"_id":"5f2095598ebc3e636b75ccd2","slug":"127-tigers-are-highest-in-terai-western-forest-division-haldwani-news-hld39142703","type":"story","status":"publish","title_hn":"तराई पश्चिमी वन प्रभाग में सबसे ज्यादा 127 बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तराई पश्चिमी वन प्रभाग में सबसे ज्यादा 127 बाघ
विज्ञापन
हल्द्वानी। पश्चिमी वृत्त में बाघों के मामले में तराई पश्चिमी वन प्रभाग पहले स्थान पर है। यहां पर सबसे ज्यादा 39 बाघ रिपोर्ट हुए हैं। वहीं, सबसे कम बाघ तराई केंद्रीय वन प्रभाग में रिपोर्ट हुए हैं।
2018 में बाघों की गणना हुई थी। इसकी रिपोर्ट वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2019 में जारी की थी। अब इसकी नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी (एनटीसीए) ने डिटेल रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार कार्बेट पार्क से सटे और पश्चिमी वृत्त के अधीन आने वाले तराई पश्चिमी वन प्रभाग में सर्वाधिक 39 बाघ मिले हैं, जबकि रामनगर दूसरे स्थान पर हैं। इस प्रभाग में 37 बाघ रिपोर्ट हुए हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग और हल्द्वानी वन प्रभाग में 23- 23 बाघ रिपोर्ट हुए हैं, जबकि तराई केंद्रीय वन प्रभाग में पांच बाघ की उपस्थिति मिली है। इस तरह पश्चिमी वृत्त में कुल 127 बाघ रिपोर्ट हुए हैं।
उत्तरी कुमाऊं वृत्त के अधीन आने वाले चंपावत वन प्रभाग में नौ बाघ रिपोर्ट हुए हैं, जबकि दक्षिण वृत्त के अधीन आने वाले नैनीताल वन प्रभाग में चार बाघ रिपोर्ट हुए हैं। यहां पर पहली बार कैमरा ट्रैप के जरिए गणना की गई थी। एनटीसीए डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि डिटेल रिपोर्ट जारी की गई है। पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक जीवन चंद जोशी ने बताया कि डिटेल रिपोर्ट में प्रभागवार जानकारी दी गई है। बाघों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।
विज्ञापन
बाघों की सुरक्षा की चुनौती
हल्द्वानी। वन विभाग के सामने बाघों को बचाने और मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने की चुनौती है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी के अनुसार बाघों की सुरक्षा के लिए लंबी दूरी की गश्त आदि की जा रही है। एसडीओ यूसी तिवारी कहते हैं कि बाघों की सुरक्षा के साथ वास स्थल सुधार की दिशा में भी कार्य किया गया है।
विज्ञापन
2018 में बाघों की गणना हुई थी। इसकी रिपोर्ट वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2019 में जारी की थी। अब इसकी नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी (एनटीसीए) ने डिटेल रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार कार्बेट पार्क से सटे और पश्चिमी वृत्त के अधीन आने वाले तराई पश्चिमी वन प्रभाग में सर्वाधिक 39 बाघ मिले हैं, जबकि रामनगर दूसरे स्थान पर हैं। इस प्रभाग में 37 बाघ रिपोर्ट हुए हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग और हल्द्वानी वन प्रभाग में 23- 23 बाघ रिपोर्ट हुए हैं, जबकि तराई केंद्रीय वन प्रभाग में पांच बाघ की उपस्थिति मिली है। इस तरह पश्चिमी वृत्त में कुल 127 बाघ रिपोर्ट हुए हैं।
विज्ञापन
उत्तरी कुमाऊं वृत्त के अधीन आने वाले चंपावत वन प्रभाग में नौ बाघ रिपोर्ट हुए हैं, जबकि दक्षिण वृत्त के अधीन आने वाले नैनीताल वन प्रभाग में चार बाघ रिपोर्ट हुए हैं। यहां पर पहली बार कैमरा ट्रैप के जरिए गणना की गई थी। एनटीसीए डीआईजी सुरेंद्र मेहरा ने बताया कि डिटेल रिपोर्ट जारी की गई है। पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक जीवन चंद जोशी ने बताया कि डिटेल रिपोर्ट में प्रभागवार जानकारी दी गई है। बाघों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।
विज्ञापन
बाघों की सुरक्षा की चुनौती
हल्द्वानी। वन विभाग के सामने बाघों को बचाने और मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने की चुनौती है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ नीतीश मणि त्रिपाठी के अनुसार बाघों की सुरक्षा के लिए लंबी दूरी की गश्त आदि की जा रही है। एसडीओ यूसी तिवारी कहते हैं कि बाघों की सुरक्षा के साथ वास स्थल सुधार की दिशा में भी कार्य किया गया है।