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निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की होगी जांच
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:28 AM IST
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हल्द्वानी। ग्रेटर नोएडा में दो बहुमंजिली आवासीय इमारतों के जमींदोज होने की घटना के बाद जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) हरकत में आया है। प्राधिकरण ने तय किया है कि शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। सुरक्षा मानक सही नहीं मिलने पर संबंधित भवन निर्माता के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कुमाऊं की सबसे बड़ी व्यावसायिक मंडी में पिछले एक दशक में आवासीय, व्यावसायिक निर्माण कार्यों में खासी तेजी आई है। शहर और इससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में शापिंग कांप्लेक्स और माल संस्कृति भी खूब विकसित हुई है जिसके चलते कई बहुमंजिली इमारतें या तो बन चुकी हैं या फिर अभी भी निर्माणाधीन हैं। इनमें कई निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद कराए जा रहे हैं जबकि कई को बगैर स्वीकृति के ही अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्यों के सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मंगलवार की रात ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव में दो बहुमंजिली इमारतों के ढहने के बाद जिला विकास प्राधिकरण ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा की जांच कराने का फैसला लिया है। डीडीए के संयुक्त सचिव पंकज कुमार उपाध्याय ने बताया कि आवासीय, व्यावसायिक भवनों का नक्शा स्वीकृत करते समय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही यहां हो रहे निर्माण कार्यों में भी सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाएगी। मानकों के विपरीत निर्माण कार्य करा रहे भवन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई लोग गंवा चुके हैं जान
हल्द्वानी। अधिकारियों की लापरवाही, निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यहां भी पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं। इसी साल 26 मार्च को आवास विकास स्थित ठंडी सड़क में निर्माणाधीन इमारत में कंटेनर की चपेट में आने से लखीमपुर खीरी निवासी राम सागर, मूल चंद्र, सोनू नामक मजदूरों की मौत हो गई थी। भी पिछले दिनों प्रेम टाकिज के पास निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में बोलेरो के गिरने से दो लोग घायल हो गए थे। यही नहीं पिछले दिनों लाल डांठ, बरेली रोड और नैनीताल रोड में अलग अलग समय में निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहे तीन मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई थी।
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यह हैं निर्माण कार्य के सुरक्षा मानक
- किसी भी निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग न हो।
- प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही निर्माण कार्य हों।
- बहुमंजिली इमारतों में काम करते वक्त मजदूरों का हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
- मजदूरों के लिए अलग से जूतों का प्रावधान है।
- ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए उनके शरीर में बेल्ट इस तरह से बंधी होनी चाहिए कि अनियंत्रित होने की स्थिति में मजदूर ऊंचाई से गिर न सके।
- निर्माणस्थल पर फर्स्टएड की सुविधा होनी चाहिए।
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कुमाऊं की सबसे बड़ी व्यावसायिक मंडी में पिछले एक दशक में आवासीय, व्यावसायिक निर्माण कार्यों में खासी तेजी आई है। शहर और इससे लगे ग्रामीण क्षेत्रों में शापिंग कांप्लेक्स और माल संस्कृति भी खूब विकसित हुई है जिसके चलते कई बहुमंजिली इमारतें या तो बन चुकी हैं या फिर अभी भी निर्माणाधीन हैं। इनमें कई निर्माण कार्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बाद कराए जा रहे हैं जबकि कई को बगैर स्वीकृति के ही अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्यों के सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मंगलवार की रात ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी गांव में दो बहुमंजिली इमारतों के ढहने के बाद जिला विकास प्राधिकरण ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा की जांच कराने का फैसला लिया है। डीडीए के संयुक्त सचिव पंकज कुमार उपाध्याय ने बताया कि आवासीय, व्यावसायिक भवनों का नक्शा स्वीकृत करते समय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही यहां हो रहे निर्माण कार्यों में भी सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाएगी। मानकों के विपरीत निर्माण कार्य करा रहे भवन स्वामियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते कई लोग गंवा चुके हैं जान
हल्द्वानी। अधिकारियों की लापरवाही, निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यहां भी पूर्व में कई हादसे हो चुके हैं। इसी साल 26 मार्च को आवास विकास स्थित ठंडी सड़क में निर्माणाधीन इमारत में कंटेनर की चपेट में आने से लखीमपुर खीरी निवासी राम सागर, मूल चंद्र, सोनू नामक मजदूरों की मौत हो गई थी। भी पिछले दिनों प्रेम टाकिज के पास निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में बोलेरो के गिरने से दो लोग घायल हो गए थे। यही नहीं पिछले दिनों लाल डांठ, बरेली रोड और नैनीताल रोड में अलग अलग समय में निर्माणाधीन इमारत में काम कर रहे तीन मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई थी।
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यह हैं निर्माण कार्य के सुरक्षा मानक
- किसी भी निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग न हो।
- प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुरूप ही निर्माण कार्य हों।
- बहुमंजिली इमारतों में काम करते वक्त मजदूरों का हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
- मजदूरों के लिए अलग से जूतों का प्रावधान है।
- ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के लिए उनके शरीर में बेल्ट इस तरह से बंधी होनी चाहिए कि अनियंत्रित होने की स्थिति में मजदूर ऊंचाई से गिर न सके।
- निर्माणस्थल पर फर्स्टएड की सुविधा होनी चाहिए।