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करंट से झुलसा लाइनमैन, हुई मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:45 PM IST
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करंट
- फोटो : demo pic
विद्युत लाइन पर काम करते वक्त गंभीर रूप से झुलसे उपनल के संविदा लाइनमैन ने रविवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। करीब चार दिन तक लाइनमैन जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा।
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उसकी जान बचाने के लिए चिकित्सकों को उसके दोनों हाथ भी काटने पड़े थे। हालांकि उसके बावजूद चिकित्सक जान बचाने में सफल नहीं हुए। उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन के उपाध्यक्ष विनोद कवि ने बताया कि कमलानंद जुयाल (50) विद्युत विभाग में संविदा कर्मी के पद पर कार्यरत थे।
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हालत को देखते हुए जौलीग्रांट अस्पताल किया गया था रैफर
31 मार्च को उन्होंने रजाखेत बिजलीघर प्रतापनगर से शट डाउन लिया और प्रतापनगर लाइन पर काम करने लगे। इसी दौरान स्वयं सहायता समूह के लाइनमैन ने भी शटडाउन लिया हुआ था। समूह के लाइनमैन ने अपना काम खत्म होने की सूचना बिजली घर को दी। सूचना मिलने के तुरंत बाद लाइन पर बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई, जिससे वहां काम कर रहे कमलानंद गंभीर रूप से झुलस गए।
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उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शुक्रवार को चिकित्सकों ने घायल के दोनों हाथ काट दिए। शनिवार को उसकी हालत में मामूली सुधार हुआ लेकिन रविवार को एक बार फिर तबियत बिगड़ गई। दोपहर में उपचार के दौरान घायल ने दम तोड़ दिया।
उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने पीड़ित के परिवार को न्यूनतम 10 लाख मुआवजा, आश्रित को नौकरी और दोषी अधिकारी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। दूसरी ओर अधिशासी अभियंता शक्ति प्रसाद से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।