{"_id":"61cb170603e1623d7a1ecfcc","slug":"permission-given-for-entry-of-tourists-from-maidavan-kotdwar-news-drn4000509192","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैदावन से पर्यटकों के प्रवेश की मिली अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैदावन से पर्यटकों के प्रवेश की मिली अनुमति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मैदावन से पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति प्रदान कर दी है, जिससे रिखणीखाल के मंदाल और पैनों घाटी सहित नैनीडांडा ब्लाक में पर्यटन और होटल व्यवसाय को पंख लगने की उम्मीद जग गई है। आदेश के बाद विभाग की ओर से मार्ग को पर्यटकों की सुगम आवाजाही के लायक बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है, जल्द ही मैदावन क्षेत्र से भी कार्बेट में पर्यटकों का प्रवेश शुरू हो जाएगा।
सीटीआर के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के दुर्गा देवी पर्यटन जोन में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015-16 से टाइगर कंजरवेशन प्लान के तहत अगले दस सालों के लिए मैदावन-लौहाचौड़-दुर्गादेवी मार्ग को पर्यटन के प्रस्तावित मार्गों में शामिल किया गया था, लेकिन इसके बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन ने मैदावन से पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति प्रदान नहीं की। जिससे रिखणीखाल के मंदाल घाटी, पैनों घाटी के साथ ही नैनीडांडा ब्लाक के होटल व्यवसाय के साथ ही अन्य व्यवसाय भी चौपट हो गए थे।
.
निदेशक की ओर से इस संबंध में जारी आदेश विभाग को मिल चुके हैं। मैदावन के पास नाले में पानी अधिक है। साथ ही मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। रेंजर को मार्ग को पर्यटकों की सुगम आवाजाही के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
- प्रकाश आर्य, डीएफओ, कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग।
विज्ञापन
सीटीआर के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के दुर्गा देवी पर्यटन जोन में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015-16 से टाइगर कंजरवेशन प्लान के तहत अगले दस सालों के लिए मैदावन-लौहाचौड़-दुर्गादेवी मार्ग को पर्यटन के प्रस्तावित मार्गों में शामिल किया गया था, लेकिन इसके बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) प्रशासन ने मैदावन से पर्यटकों के प्रवेश की अनुमति प्रदान नहीं की। जिससे रिखणीखाल के मंदाल घाटी, पैनों घाटी के साथ ही नैनीडांडा ब्लाक के होटल व्यवसाय के साथ ही अन्य व्यवसाय भी चौपट हो गए थे।
विज्ञापन
.
निदेशक की ओर से इस संबंध में जारी आदेश विभाग को मिल चुके हैं। मैदावन के पास नाले में पानी अधिक है। साथ ही मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। रेंजर को मार्ग को पर्यटकों की सुगम आवाजाही के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
- प्रकाश आर्य, डीएफओ, कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग।