फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Motor Nagar Bus Station: EO and engineers did not properly plead the case in the arbitration case

मोटर नगर बस अड्डा: ईओ और इंजीनियरों ने आर्बिटेशन वाद में नहीं की मामले की सही ढंग से पैरवी

Wed, 23 Jul 2025 11:03 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:03 PM IST
विज्ञापन
Motor Nagar Bus Station: EO and engineers did not properly plead the case in the arbitration case

विज्ञापन
कोटद्वार। पीपीपी मोड पर प्रस्तावित मोटर नगर बस अड्डे को लेकर चले आर्बिटेशन वाद में पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी और अभियंताओं ने कोई रुचि नहीं ली। अधिशासी अधिकारी के अनुबंध की शर्तों के विपरीत आचरण से ही कार्य बाधित हुआ है। इतना ही नहीं शासन को उपलब्ध कराई गई डीपीआर में मोटर नगर बस अड्डे की भूमि 18380 वर्ग मीटर दर्शाई गई, जबकि वर्तमान में केवल 15480 वर्ग मीटर भूमि ही है। इस मामले का खुलासा मुख्य सचिव के आदेश पर हुई उच्च स्तरीय जांच में हुआ है।आरटीआई कार्यकर्ता मुजीब नैथानी ने बताया कि करीब एक दशक से अधिक समय से अधर में लटके मोटर नगर बस अड्डे के मामले की शिकायत मुख्य सचिव से की थी। कहा कि यह मामला ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत से जुड़ा था। जिसकी जांच अपर सचिव ललित मोहन रयाल को सौंपी गई। जांच में कई खामियां पाई गई। जांच का यह निष्कर्ष निकला कि उत्तराखंड शासन के पीपीपी मोड सेल ने पूर्व निर्मित संरचनाओं को छोड़कर शेष भूमि पर पीपीपी मोड पर आधुनिक बस अड्डा निर्माण को स्वीकृति प्रदान की थी। निकाय की ओर से उपलब्ध कराए गए अभिलेखों में कहीं पर भी संबंधित फर्म (ठेकेदार) को इस बारे में अवगत नहीं कराया गया। इतना ही नहीं 23 मार्च, 2013 को अनुबंध हस्ताक्षरित किया गया। जिसमें दो भूमि अभिलेखों की ड्राइंग अलग-अलग क्षेत्रफल क्रमश: 18,380 वर्ग मीटर व 15,480 वर्ग मीटर में से सही को यथा तथ्य इंगित किया जाना चाहिए था। कार्य प्रारंभ से पूर्व भूमि उपलब्धता स्वीकृत ड्राइंग डिजाइन के बारे में भी स्पष्ट नहीं किया गया। ठेकेदार ने अनुबंध में वर्णित ड्राइंग डिजाइन के आधार पर सभी भूमि पर खोदाई के कार्य पूरे कर लिए गए थे। इस भूमि के आगे के भाग में 80 प्रतिशत अंडर ग्राउंड सीसी, आरसीसी कार्य एवं पीछे के भाग में दर्शाई गई संरचना के अंडरग्राउंड व सुपर स्ट्रक्चर के सीसी और आरसीसी कार्य पूर्ण कर दिए गए थे। इससे स्पष्ट है कि संबंधित फर्म को कार्य करने में कोई बाधा नहीं आ रही थी। आर्बिटेशन वाद में तत्कालीन ईओ और इंजीनियरों ने इस मामले की प्रबल पैरवी तक नहीं की।




.

क्या है मामला



नगर पालिका के समय में मोटर नगर में पालिका के स्वामित्व वाली भूमि पर पीपीपी मोड में आधुनिक बस अड्डे के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई। शासन से सैद्धांतिक सहमति प्राप्त होने के बाद निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई और इसके बाद 23 मार्च, 2013 को नगर पालिका व ठेकेदार फर्म रमेस्थ कंस्ट्रक्शन प्रालि के बीच अनुबंध हुआ। अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य दो वर्ष में पूर्ण किया जाना था। कार्य की प्रगति सुचारु न होने के कारण पालिका की ओर से फर्म को समय-समय पर पत्र प्रेषित किए गए, लेकिन फर्म द्वारा कार्य में कोई प्रगति नहीं लाई गई। फर्म ने पालिका प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने फर्म को संपूर्ण भूमि उपलब्ध नहीं कराई। जिस पर पालिका प्रशासन ने अधिवक्ता के माध्यम से फर्म को 31 दिसंबर, 2016 को बेदखली का नोटिस भेजा। फर्म ने नोटिस के विरुद्ध जिला जज पौड़ी के न्यायालय में वर्ष 2017 में वाद दायर किया। जिस पर न्यायालय ने ने 14 फरवरी, 2017 के अपने आदेश में यथा स्थिति के आदेश दिए। आदेश के विरुद्ध पालिका ने हाईकोर्ट नैनीताल में अपील की। हाईकोर्ट ने 31 मई, 2017 के जिला जज के आदेश को खारिज कर दिया। फर्म ने अनुबंध की शर्तों के अधीन आर्बिटेशन काउंसिल में वाद दायर किया। आर्बिटेशन काउंसिल ने 10 मई, 2022 को नगर निगम के विरुद्ध निर्णय पारित किया। आर्बिटेशन काउंसिल के आदेश के विरुद्ध नगर निगम ने वाणिज्यिक न्यायालय देहरादून में अपील दायर की, जो कि न्यायालय में विचाराधीन है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed