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एएचपीएस कर्मियों की महापंचायत, उत्पीड़न का आरोप
श्रीनगर
Updated Tue, 05 Jan 2016 06:44 PM IST
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श्रीनगर जल विद्युत परियोजना से हटने वाले एएचपीएस (अलकनंदा हाइड्रो पावर सर्विसेज) कर्मियों की ओर से परियोजना कार्यालय कोटेश्वर में महापंचायत का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों और परियोजना निर्मात्री कंपनी एएचपीसीएल/जीवीके की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए उत्पीड़न का आरोप लगाया। महापंचायत के बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को ज्ञापन भेजा गया। तयशुदा कार्यक्रम के तहत मंगलवार को कोटेश्वर आफिस प्रांगण में महापंचायत का आयोजन किया गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि कंपनी सारे संसाधन पहाड़ के प्रयोग कर रही है और यहां के युवाओं को नौकरी से हटा रही है। मंत्रीगण भी परियोजना की ओर से किए जा रहे सामाजिक दायित्व के उल्लंघन की ओर आंखें फेरे हुए है। कंपनी अन्याय कर रही है, लेकिन कतिपय जनप्रतिनिधि चुप हैं।
कहा गया कि उत्तराखंड में काम कर रही कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के रोजगार और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को निर्देशित करना चाहिए। जिन कर्मियों को नौकरी से हटाने का नोटिस दिया गया है, उनको एएचपीसीएल में समायोजित किया जाना चाहिए।
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इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य भरत चौधरी, प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी,
जिला पंचायत सदस्य उत्तम भंडारी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विभोर बहुगुणा आदि ने विचार रखे। संचालन भूपेंद्र भंडारी ने किया।
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सभा में वक्ताओं ने कहा कि कंपनी सारे संसाधन पहाड़ के प्रयोग कर रही है और यहां के युवाओं को नौकरी से हटा रही है। मंत्रीगण भी परियोजना की ओर से किए जा रहे सामाजिक दायित्व के उल्लंघन की ओर आंखें फेरे हुए है। कंपनी अन्याय कर रही है, लेकिन कतिपय जनप्रतिनिधि चुप हैं।
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कहा गया कि उत्तराखंड में काम कर रही कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों के रोजगार और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को निर्देशित करना चाहिए। जिन कर्मियों को नौकरी से हटाने का नोटिस दिया गया है, उनको एएचपीसीएल में समायोजित किया जाना चाहिए।
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इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य भरत चौधरी, प्रगतिशील जनमंच के अध्यक्ष अनिल स्वामी,
जिला पंचायत सदस्य उत्तम भंडारी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विभोर बहुगुणा आदि ने विचार रखे। संचालन भूपेंद्र भंडारी ने किया।