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207 रोगियों की जांच, 200 का हुआ ईसीजी परीक्षण
कोटद्वार
Updated Sun, 21 Feb 2016 11:04 PM IST
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हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को आयोजित एक दिवसीय हृदय रोग चिकित्सा शिविर में जांच के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। इसमें 207 रोगियों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई जिसमें 200 मरीजों के निशुल्क ईसीजी परीक्षण हुए। इनमें 10 रोगियों का पचास फीसदी छूट पर इको टेस्ट के लिए चयन किया गया।
रविवार को बदरीनाथ रोड पर मैठाणी मेडिकल सेंटर में पूर्वाह्न साढ़े दस बजे शुरू हुआ शिविर शाम चार बजे तक चला। इस दौरान सुबह से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग रावत ने एक-एक कर सभी रोगियों से उनके बारे में जानकारी ली, उनका परीक्षण किया। उनके लिए दवाइयां लिखी और मरीजों को हृदय रोग से बचने के उपाय बताए।
साठ फीसदी में हाइपरटेंशन की समस्या
डॉ. रावत ने बताया कि दो सौ मरीजों की जांच में करीब 80 फीसदी लोग ऐसे पाए गए, जो पहले से ही हार्ट पेशेंट हैं। जबकि कई मरीजों की हार्ट की नसें ब्लॉक पाई गईं। करीब 60 प्रतिशत रोगियों में हाइपरटेंशन की शिकायत पाई गई। उन्हें जरूरी उपचार और सलाह दी गई है। डॉ. रावत ने हार्ट के मरीजों को उपचार के साथ ही परहेज पर ज्यादा ध्यान देने को कहा। करीब पांच घंटे तक चले इस शिविर में जौलीग्रांट अस्पताल के साथ मैठाणी मेडिकल सेंटर की टीम ने पूरा सहयोग दिया।
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मरीजों और उनके तीमारदारों ने हिमालयन अस्पताल और अमर उजाला के संयुक्त हेल्थ कैंप की सराहना की। कहा कि हार्ट की बीमारी के चलते वे लोग उपचार के लिए बड़े शहरों में नहीं जा पा रहे थे। उन्होंने समाचार पत्र जन सरोकारों से जुड़ा हुआ बताते हुए शिविर के लिए धन्यवाद दिया।
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रविवार को बदरीनाथ रोड पर मैठाणी मेडिकल सेंटर में पूर्वाह्न साढ़े दस बजे शुरू हुआ शिविर शाम चार बजे तक चला। इस दौरान सुबह से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग रावत ने एक-एक कर सभी रोगियों से उनके बारे में जानकारी ली, उनका परीक्षण किया। उनके लिए दवाइयां लिखी और मरीजों को हृदय रोग से बचने के उपाय बताए।
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साठ फीसदी में हाइपरटेंशन की समस्या
डॉ. रावत ने बताया कि दो सौ मरीजों की जांच में करीब 80 फीसदी लोग ऐसे पाए गए, जो पहले से ही हार्ट पेशेंट हैं। जबकि कई मरीजों की हार्ट की नसें ब्लॉक पाई गईं। करीब 60 प्रतिशत रोगियों में हाइपरटेंशन की शिकायत पाई गई। उन्हें जरूरी उपचार और सलाह दी गई है। डॉ. रावत ने हार्ट के मरीजों को उपचार के साथ ही परहेज पर ज्यादा ध्यान देने को कहा। करीब पांच घंटे तक चले इस शिविर में जौलीग्रांट अस्पताल के साथ मैठाणी मेडिकल सेंटर की टीम ने पूरा सहयोग दिया।
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मरीजों और उनके तीमारदारों ने हिमालयन अस्पताल और अमर उजाला के संयुक्त हेल्थ कैंप की सराहना की। कहा कि हार्ट की बीमारी के चलते वे लोग उपचार के लिए बड़े शहरों में नहीं जा पा रहे थे। उन्होंने समाचार पत्र जन सरोकारों से जुड़ा हुआ बताते हुए शिविर के लिए धन्यवाद दिया।