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दो दशक बाद भी प्रदेशवासियों के पास नहीं मूलभूत सुविधाएं : मोर्चा
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पौड़ी। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा की पहल पर आयोजित चिंतन गोष्ठी में प्रदेश की स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली आदि मुद्दों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने राज्य बनने के दो दशक बाद भी प्रदेश में मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। उन्होंने प्रदेश में लागू भू-कानून को जनविरोधी बताया।
जिला मुख्यालय के संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित चिंतन गोष्ठी में मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पौड़ी जिले की सबसे अधिक उपेक्षा हुई है। अब पौड़ी नाम का ही मंडल मुख्यालय बनकर रह गया है। जबकि भाजपा व कांग्रेस ने बारी-बारी से प्रदेश में राज किया। लेकिन पौड़ी के विकास को लेकर इन दलों ने कोई ठोस मॉडल प्रस्तुत नहीं किया। लिहाजा पौड़ी में रोजगार, शिक्षा व स्वास्थ्य को लेकर भी सर्वाधिक पलायन हो रहा है।
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मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन उनियाल, मास्टर दिनेश चंद्र ने कहा कि हर जिले में मोर्चा की ओर से चिंतन गोष्ठियां आयोजित की जा रही हैं। इन गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गोष्ठी में मोर्चा को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मौके पर व्यापार सभा के सचिव देवेंद्र रावत, उपाध्यक्ष प्रवीण असवाल, मनोज रावत अंजुल, हरीश चंद्र शाह, नरेश नौड़ियाल और कुलदीप गुसाईं आदि शामिल रहे।
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