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Kotdwar News: शिक्षा विभाग के ढुलमुल रवैये का खामियाजा भुगत रहीं बेटियां
Wed, 16 Sep 2026 05:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 16 Sep 2026 05:13 PM IST
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दुगड्डा (कोटद्वार)। विकासखंड दुगड्डा के पर्वतीय क्षेत्र के एकमात्र बालिका विद्यालय जीजीआईसी में महत्वपूर्ण विषयों में प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं होने का खामियाजा छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। पढ़ने-लिखने के लिए बेटियों को कई चुनौतियों को लांघना पड़ रहा है।
सिमलचौड़ ग्राम पंचायत के गोदी छोटी गांव की सीमा में स्थित जीजीआईसी में गत कई वर्षों से प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। जीजीआईसी में बीते तीन वर्षों से हिंदी, पांच वर्षों से अंग्रेजी, चार वर्षों से संस्कृत, दो वर्षों से गणित, नौ वर्षों से अर्थशास्त्र और अब एक माह से जीव विज्ञान प्रवक्ता का पद रिक्त चल रहा है। इतना ही नहीं प्रधानाचार्य का पद भी बीते तीन वर्षों से रिक्त चल रहा है।
वहीं, विद्यालय की ओर से प्रतिमाह मासिक प्रगति रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। हालांकि रिपोर्ट में रिक्त पदों का भी उल्लेख किया जाता है लेकिन लंबे समय से रिक्त पद भरे नहीं गए हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य जाहिदा असलम अंसारी ने बताया कि प्रवक्ताओं के रिक्त पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है।
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इंटर कॉलेज में अध्ययनरत हैं 53 छात्राएं
जीजीआईसी में वर्तमान में मात्र 53 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा-6 में केवल एकमात्र छात्रा है। कक्षा-7 में तीन, कक्षा-8 में छह, कक्षा-9 में आठ, कक्षा-10 में नौ, कक्षा-11 में 12 और कक्षा-12 में 14 छात्राएं शिक्षा पा रही हैं।
व्यवस्था ही नहीं भवन भी बदहाल
1984 में निर्मित विद्यालय भवन की स्थिति खस्ताहाल होती जा रही है। बरसात में दीवार धराशायी हो गई है। सड़क किनारे रेलिंग नहीं होने और झाड़ियां उगने से वन्यजीवों के हमले और सड़क हादसे खतरा बना रहता है।
जीजीआईसी में रिक्त पदों का मामला संज्ञान में है। रिक्त पदों पर तैनाती निदेशालय द्वारा की जाती है। वर्तमान में प्रवक्ताओं व एलटी में भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके बाद रिक्त पदों पर तैनाती की उम्मीद है। -वर्षा भारद्वाज, बीईओ दुगड्डा।
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सिमलचौड़ ग्राम पंचायत के गोदी छोटी गांव की सीमा में स्थित जीजीआईसी में गत कई वर्षों से प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। जीजीआईसी में बीते तीन वर्षों से हिंदी, पांच वर्षों से अंग्रेजी, चार वर्षों से संस्कृत, दो वर्षों से गणित, नौ वर्षों से अर्थशास्त्र और अब एक माह से जीव विज्ञान प्रवक्ता का पद रिक्त चल रहा है। इतना ही नहीं प्रधानाचार्य का पद भी बीते तीन वर्षों से रिक्त चल रहा है।
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वहीं, विद्यालय की ओर से प्रतिमाह मासिक प्रगति रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। हालांकि रिपोर्ट में रिक्त पदों का भी उल्लेख किया जाता है लेकिन लंबे समय से रिक्त पद भरे नहीं गए हैं। प्रभारी प्रधानाचार्य जाहिदा असलम अंसारी ने बताया कि प्रवक्ताओं के रिक्त पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है।
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इंटर कॉलेज में अध्ययनरत हैं 53 छात्राएं
जीजीआईसी में वर्तमान में मात्र 53 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा-6 में केवल एकमात्र छात्रा है। कक्षा-7 में तीन, कक्षा-8 में छह, कक्षा-9 में आठ, कक्षा-10 में नौ, कक्षा-11 में 12 और कक्षा-12 में 14 छात्राएं शिक्षा पा रही हैं।
व्यवस्था ही नहीं भवन भी बदहाल
1984 में निर्मित विद्यालय भवन की स्थिति खस्ताहाल होती जा रही है। बरसात में दीवार धराशायी हो गई है। सड़क किनारे रेलिंग नहीं होने और झाड़ियां उगने से वन्यजीवों के हमले और सड़क हादसे खतरा बना रहता है।
जीजीआईसी में रिक्त पदों का मामला संज्ञान में है। रिक्त पदों पर तैनाती निदेशालय द्वारा की जाती है। वर्तमान में प्रवक्ताओं व एलटी में भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके बाद रिक्त पदों पर तैनाती की उम्मीद है। -वर्षा भारद्वाज, बीईओ दुगड्डा।