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बेस अस्पताल में मूक-बधिर लोगों का परीक्षण ठप
अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Thu, 16 Jun 2016 10:47 PM IST
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राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल के कान-नाक-गला रोग (ईएनटी) विभाग का एकमात्र पोर्टेबल ओडियोमीटर (छोटी श्रवणशक्ति मापन मशीन) खराब हो गया है। जिसके चलते अस्पताल में मूक-बधिर लोगों के प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। मरीजों की श्रवणशक्ति या कान के अन्य परीक्षण नहंीं बंद हो गए हैं। इसका असर कान के ऑपरेशनों पर भी पड़ेगा।
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यहां बता दें कि बेस अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2004-05 में उच्च क्षमता के दो ओडियोमीटर (डायग्नोस्टिक व इंपीडेंस) उपलब्ध कराए थे। उक्त मशीन चार वर्ष पूर्व खराब हो चुकी हैं। अस्पताल ने मशीनों को मरम्मत के लिए भेजा। लेकिन काफी पुरानी होने के कारण इसके पाट्र्स नहीं मिल पाए। इस वजह से इनको बंद कर दिया गया।
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लगभग डेढ़ साल पूर्व विभाग ने काम चलाने के लिए कामचलाऊ पोर्टेबल ओडियोमीटर खरीदा। लेकिन यह भी मंगलवार को खराब हो गई। जिसके चलते श्रवणशक्ति से संबंधित परीक्षण ठप हो गए हैं। खास बात यह है कि बेस अस्पताल में गढ़वाल मंडल के पहाड़ी जिलों के निवासियों के मूक-वधिर लोगों के प्रमाण पत्र बनते हैं। मशीन खराब होने से उक्त कार्य प्रभावित हो गया है। चिकित्सकों के पास मरीजों की श्रवणशक्ति मापने का अन्य कोई साधन नहीं है।
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मानक के विपरीत ओडियोमेट्री कक्ष
ईएनटी विभाग में ओडियोमेट्री कक्ष भी अस्थायी रुप से चल रहा है। कमरे को साउंडप्रूफ करने की कोई व्यवस्था नहीं है। मरीज और तकनीशियन के बैठने के स्थान भी मानक के विपरीत है। इस पर भारतीय चिकित्सा परिषद ने भी इस गलती को दूर करने के लिए कहा था।
मशीन खराब होने से कान रोग संबंधित कार्य प्रभावित हो गए हैं। बिना ओडियोमेट्रिक टेस्ट के कान के आपरेशन भी नहीं हो सकते हैं। नई मशीन खरीदने की डिमांड पहले ही दे दी गई थी।
- डॉ. रविंद्र बिष्ट, एचओडी ईएनटी विभाग
पुरानी मशीनों की मरम्मत संभव नहीं थी। नई मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
- डा. सुरेश जैन, चिकित्सा अधीक्षक बेस अस्पताल