{"_id":"6ac64e93058d0420d50f31ec","slug":"rain-and-hailstorms-dashed-the-farmers-hopes-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-127172-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: बारिश-ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: बारिश-ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी
Wed, 07 Oct 2026 07:22 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 07 Oct 2026 07:22 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार/कण्वघाटी। भाबर क्षेत्र में बुधवार शाम करीब चार बजे हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में तैयार हो रही फसलों को नुकसान पहुंचा है। झंडीचौड़, सिगड्डी, कलालघाटी, उदयरामपुर और मगनपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में धान, उड़द, तिलहन और सोयाबीन की फसल प्रभावित होने से काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश और ओलावृष्टि से कई जगह धान की खड़ी फसल खेतों में गिर गई। वहीं उड़द और तिलहन की फलियां झड़कर खेतों में गिरने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। फसल तैयार होने के समय मौसम की मार से किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। काश्तकारों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसल तैयार होने से पहले बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
काश्तकार कुबेर जलाल, कांति सेलवाल, बृजमोहन रावत, वीरेंद्र केष्टवाल, जगदीश सिंह मेहरा, हरेंद्र सिंह, रघुवीर नेगी और धीरज सिंह ने कृषि विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी कोटद्वार इंदू गोदियाल ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की सूचना संज्ञान में आई है। कृषकों से संपर्क किया गया है। अभी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। यदि नुकसान अधिक पाया जाता है तो सर्वे कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
बारिश और ओलावृष्टि से कई जगह धान की खड़ी फसल खेतों में गिर गई। वहीं उड़द और तिलहन की फलियां झड़कर खेतों में गिरने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। फसल तैयार होने के समय मौसम की मार से किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का संकट खड़ा हो गया है। काश्तकारों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में फसल तैयार होने से पहले बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
विज्ञापन
काश्तकार कुबेर जलाल, कांति सेलवाल, बृजमोहन रावत, वीरेंद्र केष्टवाल, जगदीश सिंह मेहरा, हरेंद्र सिंह, रघुवीर नेगी और धीरज सिंह ने कृषि विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने फसल क्षति का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी कोटद्वार इंदू गोदियाल ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की सूचना संज्ञान में आई है। कृषकों से संपर्क किया गया है। अभी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। यदि नुकसान अधिक पाया जाता है तो सर्वे कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।