दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत ऐता निवासी एक एलआईसी एजेंट को नेट पर गूगल पे कस्टमर केयर का नंबर खोजकर उस पर शिकायत करना भारी पड़ गया। नेट पर मिलने वाला गूगल पे कस्टमर केयर का नंबर फर्जी निकला। साइबर ठग ने उसके तीन बैंक खातों से चार लाख तीस हजार रुपये उड़ा दिए। मामले में पीड़ित एलआईसी एजेंट ने कोतवाली पुलिस में तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
दुगड्डा ब्लाक के अंतर्गत ऐता निवासी पंकज नेगी पुत्र गजपाल सिंह नेगी ने कोतवाली पुलिस में दी तहरीर में बताया कि वह एलआईसी एजेंट है। गत एक अक्तूबर को उसने अपने पीएनबी के खाते से एलआईसी के खाते में गूगल पे से 1601 रुपये भेजे, जो उसके खाते से कट गए, लेकिन एलआईसी के खाते में जमा नहीं हुए। पैसा जमा नहीं होने पर उन्होंने गूगल में कस्टमर केयर का नंबर खोजा तो दो मोबाइल नंबर मिले। उक्त नंबरों पर संपर्क करने पर कस्टमर केयर की ओर से पंकज से एक एप खुलवाया गया और बताया कि उसके पैसे वापस उसके खाते में आ जाएंगे। कहा कि ऐप खोलने के बाद पैसे उसके खाते में नहीं आए। इतना ही नहीं उसके गूगल पे से जुड़े हुए पंजाब नेशनल बैंक के खाते से तीन लाख पचास हजार रुपये, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक और एसबीआई के दो अन्य खातों से अस्सी हजार रुपये कुल चार लाख तीस हजार रुपये ठगी कर निकाल लिए। पीड़ित ने पुलिस से उसका पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई है। एसएसआई प्रदीप नेगी ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और आईटी एक्ट की धारा 66 (सी), 66 (डी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।