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Kotdwar News: आशा कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार, आंदोलन की दी चेतावनी
Thu, 12 Feb 2026 06:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 12 Feb 2026 06:38 PM IST
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राज्य कर्मचारी घोषित करने समेत पांच मांगों के समर्थन में तहसील में किया प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
कोटद्वार। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में हुंकार भरी। तहसील प्रांगण में धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नायब तहसीलदार को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी एवं सचिव रंजना कोटनाला के नेतृत्व में दुगड्डा विकासखंड क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता तहसील परिसर में जुटीं। यहां धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता विभिन्न रूपों में उत्पीड़न का दंश झेल रही हैं। अब श्रमिक विरोधी श्रम संहिताएं थोंपी जा रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की भविष्य निधि, निशुल्क उपचार और पेंशन को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार नहीं चेती तो प्रदेशभर की आशा कार्यकर्ता बड़े स्तर पर आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होंगी।
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प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने, श्रमिक विरोधी चारों श्रम संहिताएं रद्द करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक देने, भविष्य निधि एवं ईएसआईसी की सुविधा देने, 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में ज्योति, सुमन, मीना, विनीता, धनेश्वरी, भागीरथी, कुसुम, हेमलता, मंजू, सुमित्रा, ललिता, बीना, इंदु, गीता, प्रीति, प्रवेश, विजयलक्ष्मी, संगीता, सुरभि, रोशनी, आशा, नीलम, रीता, कल्पना, पुष्पा, संजू सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।
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कोटद्वार। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में हुंकार भरी। तहसील प्रांगण में धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नायब तहसीलदार को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष प्रभा चौधरी, उपाध्यक्ष मीरा नेगी एवं सचिव रंजना कोटनाला के नेतृत्व में दुगड्डा विकासखंड क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता तहसील परिसर में जुटीं। यहां धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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अध्यक्ष प्रभा चौधरी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता विभिन्न रूपों में उत्पीड़न का दंश झेल रही हैं। अब श्रमिक विरोधी श्रम संहिताएं थोंपी जा रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की भविष्य निधि, निशुल्क उपचार और पेंशन को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार नहीं चेती तो प्रदेशभर की आशा कार्यकर्ता बड़े स्तर पर आंदोलनात्मक कदम उठाने पर मजबूर होंगी।
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प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने, श्रमिक विरोधी चारों श्रम संहिताएं रद्द करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक देने, भविष्य निधि एवं ईएसआईसी की सुविधा देने, 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में ज्योति, सुमन, मीना, विनीता, धनेश्वरी, भागीरथी, कुसुम, हेमलता, मंजू, सुमित्रा, ललिता, बीना, इंदु, गीता, प्रीति, प्रवेश, विजयलक्ष्मी, संगीता, सुरभि, रोशनी, आशा, नीलम, रीता, कल्पना, पुष्पा, संजू सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।