{"_id":"59b812034f1c1bb0488b6320","slug":"71505235459-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रापर्टी डीलरों ने कब्जाई सिंचाई गूलें, काश्तकार परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रापर्टी डीलरों ने कब्जाई सिंचाई गूलें, काश्तकार परेशान
Updated Tue, 12 Sep 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
किशनपुर/कोटद्वार। अखिल भारतीय किसान सभा ने एसडीएम से प्रापर्टी डीलर और भूमाफिया से उनकी खेती की जमीन को बचाने की गुहार लगाई है। प्रॉपर्टी डीलरों ने भाबर में ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि काश्तकार अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। उनकी सिंचाई गूलें, संपर्क मार्गों पर कब्जे कर दिए गए हैं। कई जगह प्लॉटिंग कर खेत खुले में छोड़ दिए हैं। इससे मवेशी आसपास की खेती भी चौपट कर रहे हैं।
अखिल भारतीय किसान सभा के संरक्षक ज्ञान सिंह नेगी, मधुसूदन नेगी, अमर प्रभाकर, जेपी बहुखंडी, राजेंद्र डबराल, राजेंद्र जोशी, एनएस रावत, नवल गौड़ और कुंवर सिंह नेगी समेत कई काश्तकारों ने प्रशासन को अपने दिक्कतें बताईं। उन्होंने कहा कि भाबर क्षेत्र के लछमपुर, मगनपुर, किशनपुर और रामदयालपुर समेत पूरे इलाके में प्रॉपर्टी डीलरों ने वैध और अवैध तरीके से खेती की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी है। इन प्लॉटों में आवाजाही के लिए सीसी मार्ग बना दिए गए हैं, लेकिन कहीं पर भी गेट नहीं बनाए गए हैं, जिससे मवेशी उनकी फसल चौपट कर रहे हैं। कहा कि एक ही गांव में कई जगह प्लॉटिंग से ऐसे हालात पैदा कर दिए जा रहे हैं कि बीच में फंसा काश्तकार अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। कहा कि भूमाफिया ने सिंचाई गूलों और लाइनिंग गूलों पर कब्जे कर लिए हैं। खेतों में इन गूलों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है जबकि गांवों में सिंचाई विभाग की छह फीट की गूलें आज भी विभाग के मानचित्र में अंकित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसानों की जमीन बचाने, सिंचाई गूलों की पैमाइश करवाकर कब्जे हटवाने की गुहार लगाई है। कहा कि आवाज बुलंद करने वाले किसानों और जनप्रतिनिधियों को भूमाफिया देख लेने तक की धमकी देते हैं।
अखिल भारतीय किसान सभा के संरक्षक ज्ञान सिंह नेगी, मधुसूदन नेगी, अमर प्रभाकर, जेपी बहुखंडी, राजेंद्र डबराल, राजेंद्र जोशी, एनएस रावत, नवल गौड़ और कुंवर सिंह नेगी समेत कई काश्तकारों ने प्रशासन को अपने दिक्कतें बताईं। उन्होंने कहा कि भाबर क्षेत्र के लछमपुर, मगनपुर, किशनपुर और रामदयालपुर समेत पूरे इलाके में प्रॉपर्टी डीलरों ने वैध और अवैध तरीके से खेती की जमीन पर प्लॉटिंग कर दी है। इन प्लॉटों में आवाजाही के लिए सीसी मार्ग बना दिए गए हैं, लेकिन कहीं पर भी गेट नहीं बनाए गए हैं, जिससे मवेशी उनकी फसल चौपट कर रहे हैं। कहा कि एक ही गांव में कई जगह प्लॉटिंग से ऐसे हालात पैदा कर दिए जा रहे हैं कि बीच में फंसा काश्तकार अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। कहा कि भूमाफिया ने सिंचाई गूलों और लाइनिंग गूलों पर कब्जे कर लिए हैं। खेतों में इन गूलों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है जबकि गांवों में सिंचाई विभाग की छह फीट की गूलें आज भी विभाग के मानचित्र में अंकित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसानों की जमीन बचाने, सिंचाई गूलों की पैमाइश करवाकर कब्जे हटवाने की गुहार लगाई है। कहा कि आवाज बुलंद करने वाले किसानों और जनप्रतिनिधियों को भूमाफिया देख लेने तक की धमकी देते हैं।
विज्ञापन