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पिकनिक मनाने आए लोगों को मछली मारना पड़ा महंगा
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कोटद्वार। नजीबाबाद (यूपी) की एक कंपनी की मार्केटिंग टीम को पिकनिक के दौरान लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत खोह नदी में मछली मारना महंगा पड़ गया। लैंसडौन वन प्रभाग की एसओजी टीम ने मछली मारने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कोटद्वार रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने बताया कि शनिवार को गिवईं बीट स्थित खोह नदी में कुछ लोगों के मछली मारने की सूचना मिली। जिसपर एसओजी टीम को मौके पर भेजा गया। जहां पर कुछ लोग कपड़े से मछली पकड़ रहे थे, कुछ लोग मछली लेेकर सिद्धबली मंदिर के पास पहुंच गए थे। टीम ने सभी नौ लोगों को करीब पांच किलो महाशीर और रोहू मछली के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उन्होंने अपना परिचय किशनपुर मैनपुरी यूपी निवासी दिनेश , बनवासा चंपावत निवासी योगेंद्र , फाकुर चंपावत निवासी चकरचंद्र्र , कंचनपुर नेपाल निवासी मिलन खुना , महोली सीतापुर यूपी निवासी रामचंद्र , कयान चंपावत निवासी संतोष सिंह , बनबासा चंपावत निवासी टेक सिंह , गौरी खालसा हरदोई यूपी निवासी सफीर अब्बास और जखवाड़ा मुजफ्फरनगर यूपी निवासी जाफर महबी बताया। सभी नौ लोगों को मरी हुई मछली सहित कोटद्वार रेंज कार्यालय में लाया गया है।
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उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि वन आरक्षित क्षेत्र में मछली मारना कानूनी अपराध है। सभी नौ आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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कोटद्वार रेंज अधिकारी किशोर नौटियाल ने बताया कि शनिवार को गिवईं बीट स्थित खोह नदी में कुछ लोगों के मछली मारने की सूचना मिली। जिसपर एसओजी टीम को मौके पर भेजा गया। जहां पर कुछ लोग कपड़े से मछली पकड़ रहे थे, कुछ लोग मछली लेेकर सिद्धबली मंदिर के पास पहुंच गए थे। टीम ने सभी नौ लोगों को करीब पांच किलो महाशीर और रोहू मछली के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में उन्होंने अपना परिचय किशनपुर मैनपुरी यूपी निवासी दिनेश , बनवासा चंपावत निवासी योगेंद्र , फाकुर चंपावत निवासी चकरचंद्र्र , कंचनपुर नेपाल निवासी मिलन खुना , महोली सीतापुर यूपी निवासी रामचंद्र , कयान चंपावत निवासी संतोष सिंह , बनबासा चंपावत निवासी टेक सिंह , गौरी खालसा हरदोई यूपी निवासी सफीर अब्बास और जखवाड़ा मुजफ्फरनगर यूपी निवासी जाफर महबी बताया। सभी नौ लोगों को मरी हुई मछली सहित कोटद्वार रेंज कार्यालय में लाया गया है।
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उधर, लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि वन आरक्षित क्षेत्र में मछली मारना कानूनी अपराध है। सभी नौ आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।