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डाक्टरों की टीम ने कालागढ़ में डाला डेरा, जांच और उपचार शुरू
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- फोटो : amarujala
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कालागढ़/कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट में स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से एक वनकर्मी की मौत के बाद हड़कंप मचा है। पीजीआई लखनऊ की रिपोर्ट मिलते ही पौड़ी जिले के स्वास्थ्य विभाग ने एक टीम कालागढ़ भेज दी है। मेडिकल टीम ने वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया है। डाक्टरों ने सभी कर्मचारियों को मास्क और दवाइयां वितरित की हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही माइक्रोबायलॉजी टीम भी कालागढ़ पहुंचेगी।
डिप्टी सीएमओ डा. एसके बड़थ्वाल की अगुवाई में कालागढ़ पहुंची टीम शनिवार को कार्बेट नेशनल पार्क की कालागढ़ रेंज अधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां टीम ने 127 वन कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य की प्रारंभिक जांच की। डाक्टरों ने 32 व्यक्तियों को संदेह के दायरे में बताया। उनकी जांच के लिए शीघ्र ही माइक्रोबायलॉजी विभाग की टीम को कालागढ़ बुलाया गया है। टीम ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए दवाई वितरित करनी शुरू कर दी है। डाक्टरों ने बताया कि इस बीमारी का वायरस तेजी से सक्रिय होता है। प्रारंभिक जांच में मृतक वन कर्मी के संपर्क में रहे वन कर्मियों व पड़ोसियों पर जांच का फोकस रखा गया है। मेडिकल टीम में डा. आकांक्षा व डा. स्वाति नेगी के साथ ही अन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
-फोटो
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डिप्टी सीएमओ डा. एसके बड़थ्वाल की अगुवाई में कालागढ़ पहुंची टीम शनिवार को कार्बेट नेशनल पार्क की कालागढ़ रेंज अधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां टीम ने 127 वन कर्मियों और लोगों के स्वास्थ्य की प्रारंभिक जांच की। डाक्टरों ने 32 व्यक्तियों को संदेह के दायरे में बताया। उनकी जांच के लिए शीघ्र ही माइक्रोबायलॉजी विभाग की टीम को कालागढ़ बुलाया गया है। टीम ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए दवाई वितरित करनी शुरू कर दी है। डाक्टरों ने बताया कि इस बीमारी का वायरस तेजी से सक्रिय होता है। प्रारंभिक जांच में मृतक वन कर्मी के संपर्क में रहे वन कर्मियों व पड़ोसियों पर जांच का फोकस रखा गया है। मेडिकल टीम में डा. आकांक्षा व डा. स्वाति नेगी के साथ ही अन्य मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
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