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सीएम योगी के गांव पंचूर में आठ दिनों के बाद हुई पानी की बौछार
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यमकेश्वर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गांव पंचूर में आखिरकार आठ दिन के बाद पानी पहुंच गया। नलों में पानी आने पर ग्रामीणों के साथ सीएम के परिवार ने खबर छपने के बाद प्रशासन की ओर से लिए गए संज्ञान पर अमर उजाला का धन्यवाद जताया है।
यकमेश्वर ब्लाक के ग्राम पंचूर की पेयजल लाइन में फाल्ट आने से गत 21 मार्च से पानी की आपूर्ति ठप थी। इसके कारण यूपी के सीएम योगी का परिवार, उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी और ग्रामीणों को एक किमी दूर मलेथा गांव के प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा था।
अमर उजाला ने अपने 26 मार्च के अंक में ‘सीएम योगी का परिवार और सुरक्षाकर्मी ढो रहे पानी’ शीर्षक के साथ खबर को फोटो सहित प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इसके बाद जलसंस्थान के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तत्काल जेई और दो फीटरों को गांव की लाइन का फाल्ट ढूंढने में लगा दिया, लेकिन दो दिन तक कर्मचारी फाल्ट नहीं ढूंढ पाए। इसके बाद कोटद्वार से लाइन का फाल्ट ढूंढने के लिए नेपाली श्रमिकों को लगाया गया। बृहस्पतिवार सुबह जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर ने आकर ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग के समीप क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक करवाया।
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ग्रामीण बचन सिंह, मानेंद्र सिंह बिष्ट, रविंद्र बडोला व कीर्तिमोहन बडोला ने उनकी पेयजल समस्या का समाधान कराने के लिए अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच दिन से पानी के लिए परेशान थे। कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा था। पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद ही विभाग ने लाइन की मरम्मत की।
उधर, जल संस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग पर बने पुस्ते के अंदर पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके कारण ग्राम पंचूर और बोरगांव में पानी नहीं जा पा रहा था। लाइन की मरम्मत कर गांव में पेयजल आपूर्ति कर दी गई है।
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यकमेश्वर ब्लाक के ग्राम पंचूर की पेयजल लाइन में फाल्ट आने से गत 21 मार्च से पानी की आपूर्ति ठप थी। इसके कारण यूपी के सीएम योगी का परिवार, उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी और ग्रामीणों को एक किमी दूर मलेथा गांव के प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा था।
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अमर उजाला ने अपने 26 मार्च के अंक में ‘सीएम योगी का परिवार और सुरक्षाकर्मी ढो रहे पानी’ शीर्षक के साथ खबर को फोटो सहित प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इसके बाद जलसंस्थान के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने तत्काल जेई और दो फीटरों को गांव की लाइन का फाल्ट ढूंढने में लगा दिया, लेकिन दो दिन तक कर्मचारी फाल्ट नहीं ढूंढ पाए। इसके बाद कोटद्वार से लाइन का फाल्ट ढूंढने के लिए नेपाली श्रमिकों को लगाया गया। बृहस्पतिवार सुबह जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर ने आकर ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग के समीप क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक करवाया।
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ग्रामीण बचन सिंह, मानेंद्र सिंह बिष्ट, रविंद्र बडोला व कीर्तिमोहन बडोला ने उनकी पेयजल समस्या का समाधान कराने के लिए अमर उजाला का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच दिन से पानी के लिए परेशान थे। कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा था। पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद ही विभाग ने लाइन की मरम्मत की।
उधर, जल संस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग पर बने पुस्ते के अंदर पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके कारण ग्राम पंचूर और बोरगांव में पानी नहीं जा पा रहा था। लाइन की मरम्मत कर गांव में पेयजल आपूर्ति कर दी गई है।