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केदारनाथ धाम यात्रा पर लगा 'बैन'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 02 Sep 2013 08:14 AM IST
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केदारनाथ धाम में आए जल प्रलय के बाद से ठप भगवान केदारनाथ की पूजा 11 सितंबर से दोबारा शुरू हो जाएगी।
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पुजारियों और मंदिर समिति के सदस्यों का दल 10 को केदारनाथ पहुंच जाएगा। 11 को सुबह 7 से 11 बजे तक विधिवत पूजा होगी, लेकिन केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
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इस संबंध में 30 सितंबर को बैठक होगी, जिसमें निर्णय लिया जाएगा। हालांकि मौसम को लेकर सरकार अभी भी सशंकित है, जिसके लिए जिला प्रशासन को मौसम की दुश्वारियों से निपटने के इंतजाम करने को कहा गया है।
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बदरी-केदार मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ रविवार को हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पत्रकारों को बताया कि मंदिर तक वही व्यक्ति जाएगा, जिसे जिला प्रशासन अनुमति देगा। मंदिर में पूजा अनवरत रखने को मंदिर समिति के 24-24 सदस्यों और पुजारियों की 10-10 दिन की ड्यूटी रहेगी।
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धाम के कपाट बंद होने तक होगी पूजा
दीपावली के बाद यम द्वितीया (भैया दूज) को केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने तक पूजा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ में बिजली, पानी की आपूर्ति सुचारु हो गई है। केदारनाथ को जोड़ने वाले ब्रिज भी बना दिए गए हैं। रहने और खाने की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
वहीं बीएसएनएल के टावर को फिर से चालू कर फोन नेटवर्क बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। केदारनाथ हेलीपैड बना लिया गया है। हेलीपैड से मंदिर तक का रास्ता भी बन चुका है। प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ की टीम वहां तैनात है।
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मेडिकल की टीम भी तैनात की जा रही है। मंदिर के आस-पास सफाई का काम पूरा हो चुका है। वहां अब कोई शव नहीं है। इसके पहले वीडियो कांफ्रेंसिंग से गढ़वाल मंडलायुक्त डीएस गर्ब्याल तथा रुद्रप्रयाग के जिला अधिकारी दिलीप जावलकर से तैयारियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पूजा से जुड़े चिह्नित लोगों को ही सरकारी हेलीकॉप्टर से जाने की अनुमति होगी। खराब मौसम के कारण ऐहतियात बरतते हुए अन्य व्यक्तियों को मंदिर तक जाने की इजाजत नहीं है।
अनाधिकृत व्यक्तियों को रोकने के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड और अन्य स्थानों पर पुलिस चेकपोस्ट बनाई गई है।
तीन धाम की यात्रा की घोषणा यथावत
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के मुताबिक केदारनाथ का सड़क मार्ग तैयार होने में अभी वक्त लगेगा। बाकी तीन धाम बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की सड़कों को हर हाल में 30 सितंबर तक खोलने का आदेश बीआरओ को दिए गए हैं।
इन धामों में यात्रा रोकी नहीं गई है। यात्री अभी भी वहां आ-जा रहे हैं, लेकिन एक अक्तूबर से कपाट बंद होने तक इन तीनों धामों में यात्रा को पूरी तरह यात्रा बहाल रखने का प्रयास किया जाएगा।
लोगों को मिलेंगे तोहफे
केदार घाटी में आए जल प्रलय से उबरने के लिए स्थानीय लोगों को रोजी-रोजगार के साथ ही शिक्षा के लिए सरकार कई तोहफे देने जा रही है। 11 सितंबर को एक तरफ केदारनाथ मंदिर में भगवान केदारनाथ की पूजा शुरू होगी।
दूसरी तरफ गुप्तकाशी को तहसील बनाने, वहां स्थित विद्यापीठ को अपग्रेड कर डिग्री कॉलेज बनाने के साथ बीए और बीकॉम की कक्षाएं संचालित करने की मंजूरी देने, एक आईटीआई, एक पालीटेक्निक और एक नर्सिंग कालेज खोलने का पत्थर लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की घोषणा में ये सभी शामिल हैं और हाथोंहाथ इन पर काम भी शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
ये रहे बैठक में मौजूद
पर्यटन मंत्री अमृता रावत, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक शैलारानी, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव एसएस संधु, डीजीपी सत्यव्रत, सचिव उमाकांत पंवार सहित शंकराचार्य के प्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, राज्य मौसम केंद्र के निदेशक आनंद शर्मा आदि।
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