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स्टोर में लगी थी आग और प्रसूता विभाग में लटका दिया ताला

Sat, 13 Nov 2021 08:24 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 08:24 PM IST
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There was a fire in the store and the lock was hung in the maternity department
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की प्रसव पीड़ा को बढ़ा दिया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बहादराबाद के लेबर रूम के स्टोर में तीन महीने पहले आग लग गई थी। इसके बाद विभाग ने लेबर रूम को बंद करके जांच बिठा दी थी। जांच पूरी नहीं होने के कारण तब से यहां प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं। क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए 15 किलोमीटर दूर महिला अस्पताल हरिद्वार जाना पड़ रहा है।
12 अगस्त को सीएचसी के प्रसूता विभाग के दवा स्टोर रूम में आग लग गई थी। आग लगने से वहां रखी लाखों रुपये की दवा और अन्य सामान जल गया था। आग लगने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक सुबोध कुमार जोशी की मांग पर विभाग ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच बैठाई थी। जांच बिठाने के साथ दवा स्टोर के साथ लेबर रूम के भी बंद कर दिया था। तीन महीने बीत जाने के बाद भी यह जांच पूरी नहीं हो सकी और तब यहां ताला लटका है। ऐसे में केंद्र पर प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं। यहां प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को जिला अस्पताल हरिद्वार रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में महिलाओं और उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाली आशा कार्यकर्ता भी परेशान हैं। कई बार तो महिलाएं हरिद्वार आने की बजाय निजी अस्पतालों में चली जाती हैं। जहां उनको प्रसव कराने के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। संवाद
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इन गांवों की महिलाओं को मिलता था लाभ
सीएचसी पर कई गांवों के स्वास्थ्य और गर्भवती महिलाओं की जिम्मेदारी है। दौलतपुर, डालुवाला, आनेकी, रोशनाबाद, घोड़ेवाला, सोहलपुर, मानुबांस, रसूलपुर, कोटा मुरादनगर, हजारग्रंट, औरंगाबाद, तेलीवाला, दादबांस, हद्दीवाला, सलेमपुर, रावली महदूद, सराय, एक्कड़, इब्राहिमपुर, अलीपुर, बोंगला, रोहालकी, अहमदपुर, सुल्तानपुर, शांतरशाह, सुकरासा, पुरणपुर, जमालपुर खुर्द, बेगमपुर, कमालपुर, रानीपुर झाल, सहदेवपुर, हेतमपुर, महादेवपुरम, रामधाम कालोनी, मुलदासपुर माजरा, अहमदपुर ग्रंट, सुमननगर, शिवालिक नगर झुग्गी झोपड़ी, बढेड़ी की गर्भवती महिलाएं सहीं प्रसव करानी आती थी।
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स्टॉफ से लिया जा रहा अन्य काम
प्रसूता विभाग में पूरे नौ लोगों का स्टॉफ है। तीन महीने से प्रसूता विभाग में कोई कार्य नहीं होने से अब इस स्टॉफ से अन्य स्वास्थ्य संबंधी कार्य लिए जा रहे हैं। जिनमें कोरोना वैक्सीनेशन, अन्य टीकाकरण, ओपीडी, फील्ड में मोबाइल टीम के साथ, दवाइयां बांटने और पर्ची बनवाने के काम में लगा दिया है।
बरामदे में रखी हैं कीड़े मारने की दवा
दवा स्टोर रूम बंद होने के कारण एक से 19 साल तक के बच्चों को दी जाने वाली कीड़े मारने की दवा बरामदे में रखी हैं। सीएचसी के परिसर में ही बने मातृ शिशु कल्याण केंद्र के कक्ष पर ताला लटका है और उसके ठीक सामने बरामदे में दवा की सैकड़ों पेटी रखी हैं।

आग लगने की जांच चल रही है। जल्द ही जांच पूरी कर प्रसूता विभाग को मरम्मत कराने के बाद शुरू कर दिया जाएगा। जिससे फिर से गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हो सकेंगी।
- हेमंत आर्य, प्रभारी सीएचसी प्रभारी।
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