फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Seek the moon through a sieve and seek the blessings of an unbroken Saubhagyavati

छलनी से चांद का दीदार कर मांगा अखंड सौभाग्यवती भव का आशीर्वाद

Sun, 24 Oct 2021 08:27 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 24 Oct 2021 08:27 PM IST
विज्ञापन
Seek the moon through a sieve and seek the blessings of an unbroken Saubhagyavati
शिवालिक नगर में करवा चौथ की कहानी सुनने के दौरान मौजूद सुहागिनें । - फोटो : HARIDWAR
करवा चौथ पर छलनी से चांद का दीदार कर सुहागिनों ने पति के दीर्घायु और खुद के अखंड सौभाग्यवती होने की कामना की। पति के प्रति समर्पण और स्नेह का पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक हर तरफ करवा चौथ की रौनक देखने को मिली। सुहागिनों ने दिन भर के निर्जला व्रत रखा और दोपहर में विधि-विधान से पूजा अर्चना की। शाम को सोलह श्रंगार कर उन्होंने चांद निकलने का इंतजार किया। चांद निकलने के बाद रस्म के अनुसार चंद्रमा की पूजा कर अर्घ्य दिया और व्रत का उद्यापन किया।
विज्ञापन

पति की लंबी आयु के लिए रविवार को सुहागिनों ने करवाचौथ का व्रत रखा। दिन भर उपवास रखने के बाद देर शाम को चंद्रमा देखकर सुहागिनों ने अपना व्रत खोला व पति की लंबी आयु की कामना की। पतियों ने भी भगवान से अपनी पत्नी का जन्म-जन्म का साथ मिलने की दुआ की। पति की लंबी आयु के लिए पत्नी की तरफ से रखा जाने वाला करवाचौथ का व्रत सबसे अहम व्रत माना गया है। अखंड सौभाग्यवती की कामना का यह व्रत निर्जला रखा जाता है। सूर्योदय से पहले तारों की छांव में सुहागिनों ने सरगी खाकर व्रत की शुरूआत की। इसके बाद रविवार की सुबह शुरू हुई इनकी पूजा।
विज्ञापन

स्नान ध्यान कर महिलाओं ने दीवार पर गेरू और पिसे चावलों के घोल से करवा माता का चित्र बनाया। कुछ सुहागिनों ने बाजार में मिलने वाले करवा चौथ का चित्र का कलेंडर पूजा स्थान पर लगाया। आठ पूड़िया पूजन के लिए बनाई गई। मां गौरी और गणेश जी बनाएं गए। दिन भर निर्जला व्रत रख विधि-विधान से पूजा अर्चना की। दोपहर को सज-संवर कर सुहागिनें एक एक जगह इकट्ठी हुई, जहां सभी ने गानों की धुन पर डांस कर खुशियां सांझी की। शाम को सभी सुहागिनों ने करवा व्रत की कथा सुनी व शगुन आदि के गीत भी गाए। कथा सुनने के बाद सुहागिनों ने अपने बड़ों के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। चांद निकलने के बाद रस्म के अनुसार चंद्रमा की पूजा कर अर्घ्य दिया और व्रत खोला। कुछ सुहागिनों ने जहां घर में लजीज व्यंजन बनाकर व्रत खोला।
विज्ञापन
विज्ञापन

सास-ससुर को दिया गया बायना
करवा चौथ पर्व के अवसर पर सुहागिनों ने व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना की। इसके बाद सास-ससुर को बायना के रूप में भोजन, वस्त्र व दक्षिणा भी दी। सास ससुर ने भी सदा जोड़ी बने रहने का आशीर्वाद देते हुए अपनी बहुओं को उपहार भी भेंट किए।
होटल व रेस्तरां पर लगी रही भीड़
करवाचौथ पर शहर के होटलों, रेस्टोरेंट भी रात को विवाहित जोड़ों के खाने-पीने का खास प्रबंध किया गया था। दंपतियों को सुंदर तोहफे देने के साथ डिनर में खास छूट दी गई। पहले से ही टेबलों की बुकिंग करवाकर जोड़ों ने करवाचौथ का चांद देखने के बाद अपने पति व परिवार के साथ खाने का आनंद लिया।

वीडियो कॉलिंग से भी किया पति का दीदार
करवा चौथ के अवसर पर कुछ विवाहिताओं ने दूर शहरों में मौजूद पतियों के दर्शन के लिए वीडियो कालिंग और सोशल मीडिया का सहारा भी लिया। शाम के समय छत पर पहुंचकर सुहागिनों ने एक तरफ चांद का दीदार किया वहीं दूसरी तरफ वीडियो कॉलिंग से पति को देखकर व्रत का उद्यापन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed