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कागजों में सिमटी योजना, इनको कच्चे घरों में ही रहना
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Plan limited in paper, let them stay in kutcha houses
- फोटो : HARIDWAR
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को दिखाए सपने जमीन पर नहीं उतर पाए। योजना का हाल धरातल पर कागजों के उल्ट है। अकेले पथरी क्षेत्र में ऐसे कई जरूरतमंद परिवार हैं, जिनका चयन होने के बाद भी पहली किस्त भी नसीब नहीं हुई। कुछ परिवार ऐसे हैं जिनको पहली किस्त मिली और काम शुरू किया। इसके बाद दूसरी किस्त नहीं मिलने से आवास का निर्माण अधर में लटका है।
योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी मकान बनाने के लिए एक लाख 30 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। यह राशि लाभार्थियों को तीन किस्तों में दी जाती है। जिसमें पहली किस्त में मकान का निर्माण कार्य शुरू कर छत तक करने के लिए 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद 40 हजार और तीस हजार रुपये की शेष रकम मकान का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रदान किए जाते हैं। सभी जांच पड़ताल करने के बाद पात्रों का चयन एक साल पहले कर दिया गया था। इन्हें मकान का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पहली किस्त देनी भी शुरू कर दी थी। एक किस्त मिलने के बाद आगे कोई पैसा नहीं मिला और आवासों का निर्माण अधर में लटका है। संवाद
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केस-1
रानीमाजरा गांव निवासी हरिओम का करीब एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयन हुआ था। जिससे उन्हें उम्मीद जगने लगी थी कि अब वह भी पक्के मकान में रहने लगेंगे। मगर अभी तक उन्हें पहली किस्त का भी पैसा नहीं मिला है।
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केस-2
बिशनपुर गांव की सीमा देवी का एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की सूची में नाम आ गया। इससे उन्हें अधिकारियों ने भी आश्वस्त कर दिया कि अब उन्हें पक्के मकान बनाने के लिए पैसा मिल जाएगा। लेकिन अफसर आशियाने के सपने दिखाकर भूल बैठे हैं।
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- जिन लोगों के सत्यापन कार्य चुके हैं, उन्हें आवास की पहली किस्त दे दी गई है। कुछ लोग बचे हुए हैं। उनका सत्यापन कार्य चल रहा है। इन लोगों को भी जल्द आवास की पहली किस्त जारी कर दी जाएगी।
- आरसी तिवारी, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग
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योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी मकान बनाने के लिए एक लाख 30 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। यह राशि लाभार्थियों को तीन किस्तों में दी जाती है। जिसमें पहली किस्त में मकान का निर्माण कार्य शुरू कर छत तक करने के लिए 60 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके बाद 40 हजार और तीस हजार रुपये की शेष रकम मकान का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रदान किए जाते हैं। सभी जांच पड़ताल करने के बाद पात्रों का चयन एक साल पहले कर दिया गया था। इन्हें मकान का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पहली किस्त देनी भी शुरू कर दी थी। एक किस्त मिलने के बाद आगे कोई पैसा नहीं मिला और आवासों का निर्माण अधर में लटका है। संवाद
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केस-1
रानीमाजरा गांव निवासी हरिओम का करीब एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयन हुआ था। जिससे उन्हें उम्मीद जगने लगी थी कि अब वह भी पक्के मकान में रहने लगेंगे। मगर अभी तक उन्हें पहली किस्त का भी पैसा नहीं मिला है।
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केस-2
बिशनपुर गांव की सीमा देवी का एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की सूची में नाम आ गया। इससे उन्हें अधिकारियों ने भी आश्वस्त कर दिया कि अब उन्हें पक्के मकान बनाने के लिए पैसा मिल जाएगा। लेकिन अफसर आशियाने के सपने दिखाकर भूल बैठे हैं।
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- जिन लोगों के सत्यापन कार्य चुके हैं, उन्हें आवास की पहली किस्त दे दी गई है। कुछ लोग बचे हुए हैं। उनका सत्यापन कार्य चल रहा है। इन लोगों को भी जल्द आवास की पहली किस्त जारी कर दी जाएगी।
- आरसी तिवारी, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग