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नगर निगम की झोली खाली और करोड़ों की देनदारी

Sat, 24 Sep 2022 11:03 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 11:03 PM IST
सार

बकायादारों के प्रति नगर निगम के उदासीन रवैये से खुद की झोली खाली हो गई।बकाया न वसूलने के साथ ही शासन से बजट न मिलने से निगम की झोली खाली है।दो साल पहले ट्रैक्टर की खरीद की अनुमति उस समय के नगर आयुक्त की ओर से दी हुई है लेकिन साढ़े चार लाख रुपये की भुगतान की फाइल कर्मचारियों ने आगे नहीं भेजी गई।

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Municipal corporation's bag is empty and liability of crores

विस्तार

बकायादारों के प्रति नगर निगम के उदासीन रवैये से खुद की झोली खाली हो गई। निगम विज्ञापन और टैक्स के साथ ही दुकानों के किराये सहित करोड़ों रुपये का बकाया वसूल नहीं पाया है, जबकि अभी निगम को शासन से 15वें वित्त आयोग के तहत और अन्य मदों में बजट नहीं मिल सका, जिससे निगम आगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनियों का भुगतान नहीं कर पा रहा।
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नगर निगम को हाउस टैक्स से करीब ढाई करोड़ और विज्ञापन कंपनी से 87 लाख, दुकानों के किराया का लगभग चार-पांच लाख सहित अन्य स्रोतों से करोड़ों रुपये का बकाया वसूलना है। बकाया न वसूलने के साथ ही शासन से बजट न मिलने से निगम की झोली खाली है। इससे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी कासा ग्रीन और केएल मदान का करीब चार करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है।
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पिछले करीब पांच माह से कंपनियों को भुगतान नहीं होने से 400 से अधिक कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे 15वें वित्त आयोग के साथ ही सफाई व अन्य मदों में मिलने वाला बजट शासन से अभी तक जारी न होने का दावा किया जा रहा है।
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नहीं हो पाई कूड़ा वाहनों की खरीद
नगर निगम को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए ई-रिक्शा सहित कई छोटे वाहनों की खरीद करनी थी। इसके बाद ये वाहन कंपनी को सौंपे जाने थे लेकिन वाहनों की खरीद नहीं हो पाई। किराये पर वाहनों को लगाया गया है। इसके अलावा सड़क और नाली-नाले आदि कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
ट्रैक्टर के भुगतान को चक्कर काट रहे
महिंद्रा कंपनी की ओर से दो साल पहले एक ट्रैक्टर नगर निगम को दिया गया। इसका भुगतान आज तक नहीं हो पाया है। कंपनी के अधिकारी निगम के चक्कर काट रहे हैं। दो साल पहले ट्रैक्टर की खरीद की अनुमति उस समय के नगर आयुक्त की ओर से दी हुई है लेकिन साढ़े चार लाख रुपये की भुगतान की फाइल कर्मचारियों ने आगे नहीं भेजी गई। नगर आयुक्त के अवकाश से लौटने पर अब 27 सितंबर को कंपनी के अधिकारी को बुलाया गया है।

नगर निगम अपने संसाधनों से भी काफी कार्य कर रहा है। जिन मदों में बजट नहीं मिला है, उसके लिए शासन को लिखा जाएगा। अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी कि निगम का कितना बकाया है और कितना भुगतान आगे करना है। -अनीता शर्मा, मेयर हरिद्वार
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