हरिद्वार: ...तो इस बार हर की पौड़ी नहीं यहां हो सकता है 2021 महाकुंभ का स्नान
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महाकुंभ 2021 का कुंभ हर की पौड़ी के बजाय गंगा की नीलधारा में कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित महाकुंभ मेला समिति की पिछले दिनों हुई बैठक में इस बिंदु पर मंथन किया गया।
शहरी विकास मंत्री और मेलाधिकारी के अखाड़ों के श्रीमहंतों के साथ की जा रही मुलाकातों को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। नमामि गंगे योजना में गंगा की नीलधारा चंडी द्वीप में करोड़ों रुपये की लागत से स्नानघाट का निर्माण भी भविष्य की इसी योजना के अंतर्गत किया गया है।
जब नीलाधारा में घाट का निर्माण शुरू हुआ था तब से ही इसकी अटकलें लगाई जा रही थी कि कुंभ सहित अन्य गंगा स्नान पर्व शहर की तंग गलियों व सड़कों से धीरे-धीरे नीलधारा में ले जाया जाएगा।
इन अटकलों को तब और बल मिला, जब सिंचाई खंड हरिद्वार ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में 12 दिसंबर को सीसीआर में हुई पहली महाकुंभ 2021 की कार्ययोजना बैठक में नीलधारा में मछलाकुंड के पास ब्रह्मकुंड जैसा घाट बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में महाकुंभ 2021 के आयोजन को गठित उच्चस्तरीय समिति की 13 जून को संपन्न बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली महाकुंभ मेला 2021 की आयोजन समिति की उच्च स्तरीय बैठक में इस आशय के प्रस्ताव में कहा गया कि महाकुंभ में आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में निरंतर हो रही वृद्धि को देखते हुए कुंभ स्नान का क्षेत्र का विस्तार हर की पौड़ी से नीलधारा क्षेत्र की ओर किया जाए।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं की हरिद्वार आने वाली भीड़ को देखते हुए सरकार मेला क्षेत्र को नीलधारा की ओर बढ़ाने की सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है। हाल ही में संपन्न हुए कांवड़ मेले के दौरान भी इसकी जरूरत महसूस हुई। श्रद्धालुओं को शहर में दिक्कत न हो इसलिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रवक्ता