फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Inn to put garbage in, protest

सराय में कूड़ा डालना शुरू, विरोध

Thu, 14 Jan 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 14 Jan 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
Inn to put garbage in, protest

हरिद्वार। आखिर एनजीटी की फटकार के बाद प्रशासन ने बुधवार से सराय गांव की जमीन पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कूड़ा डलवाने का काम शुरू करवा दिया है। लेकिन ग्रामीणों ने इसका पुरजोर विरोध किया। ग्रामीणों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। महिलाओं ने कूड़े से भरे वाहनों में आग लगाने की भी धमकी दी। लेकिन पहले से तैनात भारी पुलिस बल के आगे किसी का विरोध काम नहीं आया। प्रशासन ने ग्रामीणों को बताया उनकी याचिका एनजीटी ने खारिज कर दी है। काम में अड़चन डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


मुख्य नगर अधिकारी विप्रा त्रिवेदी, तहसीलदार मजिस्ट्रेट दिनेश मोहन उनियाल, पुलिस उपाधीक्षक राजेश भट्ट भारी पुलिस फोर्स के साथ जेसीबी लेकर सुबह ही सराय गांव स्थित नगर निगम के स्लेज फार्म पर पहुंचे। जेसीबी से कूड़ा लैंडफिल करने के लिए दोपहर पौने 12 बजे खुदाई शुरू कर 12 गड्डे तैयार करवाए। उसके बाद कूड़ा लेकर कई ट्रक एवं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मौके पर पहुंची और गड्डों में कूड़ा डालना शुरू कर दिया।  इसी बीच जिला पंचायत सदस्य लतीफन के पुत्र मुकर्रम अंसारी और शहजाद आदि के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध करना शुरू कर दिया। कुछ महिलाएं भी पहुंची। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को धमकी दी कि यदि दुबारा कूड़ा लेकर पहुंचे तो उनके वाहनों में आग लगा दी जाएगी। इसी बीच मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीणों ने इस बात को लेकर विरोध कर दिया कि कूड़ा प्लाट नंबर 7 में डाला जाना था लेकिन डाला प्लाट नंबर 4 में जा रहा है।
विज्ञापन


इस पर पहले से पहुंचे सीओ और कोतवाली ज्वालापुर के प्रभारी निरीक्षक ने गुस्साए ग्रामीणों को बताया कि यह अस्थाई व्यवस्था है। कंपोस्ट प्लांट लगने पर इस कूड़े को जमीन से निकालकर प्लांट में ले जाया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। तहसीलदार मजिस्ट्रेट दिनेश मोहन उनियाल ने ग्रामीणों को बताया कि एनजीटी में उनकी याचिका खारिज हो चुकी है। सराय की जमीन पर कूड़ा डालने का आदेश मिला है। जो इसका विरोध करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्य नगर अधिकारी विप्रा त्रिवेदी ने बताया कि अर्द्धकुंभ मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का ठेका लेने वाली दोनों संस्थाएं (सुलभ इंटरनेशनल एवं स्पर्श गंगा वाले) अपना कूड़ा अलग-अलग डालेंगे और नगर निगम भी अलग डालेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


एनजीटी की सक्रियता से मिली राहत
हरिद्वार। वर्ष 2009 में जेएनएनयूआरएम के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना की 16 करोड़ 71 लाख रुपये की डीपीआर स्वीकृति हुई थी। इसके तहत चार करोड़ रुपये की प्रथम किश्त अवमुक्त हो चुकी थी। लेकिन शासन-प्रशासन की हीलाहवाली के चलते योजना को प्रारंभ कराने में सात वर्ष लग गए। एनजीटी की मंगलवार की फटकार और गंगा सफाई के बजट पर रोक के आदेश ने सरकारी तंत्र को हिलाकर रख दिया। बुधवार सुबह प्रशासन ने शहर का कूड़ा सराय गांव पहुंचाने का काम शुरू कराया। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना के लिए अनुबंधित पीपीपी मोड की केआरएल कंपनी ने जैविक एवं अजैविक कूड़ा निस्तारण के लिए 30 अप्रैल तक कंपोस्ट प्लांट स्थापित करने का अनुबंध नगर निगम से किया है। हरिद्वार नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2000 की गाइड लाइन के अनुसार कूड़ा प्रबंधन करने में प्रदेश का मॉडल शहर बन जाएगा। ब्रिटिशकाल में तत्कालीन हरिद्वार यूनियन नगरपालिका ने सराय गांव की भूमि शहर के मल-जल के लिए अधिग्रहित की थी। अवैध कब्जों से अभी इस गांव की 340 बीघा भूमि बची है। इसकी लगभग 20 बीघा भूमि पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हो चुका है। 80.75 बीघा भूमि कूड़ा लैंडफिल एवं कंपोस्ट प्लांट लगाने के लिए दी है। इस प्रकार अर्द्धकुंभ के पहले मकर संक्रांति स्नान से पहले हरिद्वार में प्रदेश की एक अच्छी शुरूआत हुई है। इसका श्रेय एनजीटी की सक्रियता को जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed