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ट्रैफिक लाइट के टेंडर में मेयर को रिश्वत की पेशकश
ब्यूरो, अमर उजाला/रुड़की
Updated Thu, 19 Nov 2015 12:09 AM IST
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शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सात चौराहों पर लगाई जाने वाली ट्रैफिक लाइटों की खरीद फरोख्त के टेंडर में एक फर्म ने मेयर के सामने ही रिश्वत का प्रस्ताव रख दिया। इस पर मेयर यशपाल राणा ने देहरादून की इस फर्म को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही नगर निगम से उसे ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया।
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शहर के व्यस्तम चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वर्ष 2012 में विधायक प्रदीप बत्रा के प्रस्ताव पर तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने ट्रैफिक लाइटों की घोषणा की थी। शासन ने पांच महीने पहले इसके लिए 97 लाख रुपये स्वीकृत करते हुए नगर निगम को ट्रैफिक लाइट लगाने का जिम्मा दिया है। लाइटों की खरीद के लिए निगम ने पहली बार टेंडर मांगे तो तीन फर्मों ने आवेदन किया था।
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दो फर्म तकनीकी बिड में बाहर होने पर केवल एक फर्म बची। नियमानुसार दोबारा टेंडर मांगे गए तो दो फर्मों ने आवेदन किया। वाजिब रेट नहीं आने तीसरी बार टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिसमें 26 नवंबर को टेंडर खुलने हैं। इस बीच दूसरी बार टेंडर डालने वाली एक फर्म ने मेयर यशपाल राणा से संपर्क साधा।
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बकौल मेयर फर्म का प्रतिनिधि उन्हें एक तरफ ले गया और टेंडर उनके नाम करने पर उनका हिस्सा देने की पेशकश रखी। इस पर मेयर ने प्रतिनिधि को फटकारते हुए दफ्तर से बाहर कर दिया। तत्काल अधिकारियों को बुलाकर फर्म को नगर निगम में भविष्य के लिए भी ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।
मेयर यशपाल राणा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि एक फर्म के प्रतिनिधि की ओर से रिश्वत की पेशकश की गई थी। उसे ब्लैक लिस्ट करते हुए तीसरी बार टेंडर की प्रक्रिया चालू कर दी गई है।