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आठ दिन बीते, सरगना मिला न खुला राज
ब्यूरो, अमर उजाला/रुड़की
Updated Mon, 07 Sep 2015 01:12 AM IST
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टीएम हैक कर नगदी उड़ाने का राज खोलने में उत्तराखंड पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। आठ दिन में कई प्रदेशों में सैकड़ों मील घूमने के बाद पुलिस की टीमें बैरंग लौट आई। मगर न गिरोह का मास्टर माइंड पुलिस के हाथ लगा और न हैकिंग की गुत्थी सुलझी। गिरोह इतना हाईटेक निकला कि पुलिस की सर्विलांस टीम भी कोई तोड़ नहीं ढूंढ पाई।
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अब माना जा रहा है कि तकनीक के लिहाज से पुलिस से ज्यादा मजबूत एसटीएफ ही कोई करिश्मा कर सकती है। पिछले 30 अगस्त को रुड़की शहर के पांच एटीएम अचानक काम करना बंद कर गए। एटीएम में कैश लोडिंग करने वाली निजी कंपनी की टीम घूम घूमकर फाल्ट खोज ही रही थी कि रामनगर के एक एटीएम मशीन को हैक कर नगदी निकाल रहे दो बदमाशों को लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया।
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करीब एक करोड़ रुपये गायब होने से बैंक समेत पुलिस में भी हड़कंप मच गया। इसके बाद से पुलिस दिल्ली, यूपी, गुजरात समेत कई राज्यों में सुराग ढूंढने में लगी रही। फरार मास्टर अमित तक पहुंचने का कोई रास्ता भी पुलिस को नहीं मिल सका। चूंकि गिरोह के काम करने की तकनीक का खुलासा भी एसटीएफ की टीम ने किया था।
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अब ये माना जा रहा है कि मास्टर माइंड अमित को भी एसटीएफ ही खोजकर ला सकती है। हालांकि पुलिस के अधिकारी अब भी जल्द खुलासे का दावा कर रहे हैं।
हैकरों का रिमांड पूरा, हाथ खाली
एटीएम हैक कर नगदी उड़ाने वाले दोनों बदमाशों का पांच दिन का रिमांड रविवार को पूरा हो गया। लेकिन, बदमाश इतने शातिर निकले तमाम कोशिशों के बावजूद कोई ऐसा सुराग पुलिस को नहीं बताया जिससे मास्टर माइंड को पकड़ा जा सके। वहीं हैकिंग की गुत्थी खोलने के लिए गुजरात व दिल्ली गई पुलिस टीमें भी खाली हाथ लौट आई।
रविवार को रिमांड पूरा होने पर बदमाश शाहनवाज निवासी दिल्ली और शफीक निवासी बांदा को वापस जेल भेज दिया गया। गंगनहर कोतवाली के एसएसआई संपूर्णानंद गैरोला ने इसकी पुष्टि की है।