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साल बीता, लेकिन योजनाओं का बजट इस्तेमाल नही कर पाए कई विभाग
Updated Tue, 20 Mar 2018 11:12 PM IST
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हरिद्वार।
वित्तीय वर्ष 2017-18 समाप्त होने में महज 10 दिन का समय बचा है और जिले मेें तमाम ऐसे सरकारी विभाग है जो केंद्र व राज्य सरकार की ओर से विभिन्न मदों में जारी बजट का इस्तेमाल ही नही कर पाए हैं। इसका खुलासा जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से बुलाई गई समीक्षा बैठक में हुआ है।
जिलाधिकारी दीपक रावत की अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी स्वाती भदौरिया ने जिला विकास योजना वित्तीय वर्ष 2017-18 की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि उद्यान, मत्स्य, जल संस्थान, समाज कल्याण, चिकित्सा, बाल विकास, वन कुछ ऐसे विभाग हैं जो केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से तमाम योजनाओं में जारी बजट का इस्तेमाल नही कर पाए है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने इस पर नाराजगी जताते हुुए तमाम विभागों के विभागाध्यक्षों को 24 मार्च तक की समय सीमा के भीतर बजट की वास्तविक रिपोर्ट लिखित रूप में जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने और इस वित्तीय वर्ष में विभागों की अवशेष धनराशि को तत्काल समर्पित करने की हिदायत दी। बजट खर्च में फिसड्डी उद्यान मत्स्य, जल संस्थान, समाज कल्याण, चिकित्सा बाल विकास, वन तथा स्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्षों को हिदायत दी गई कि वे आहरण वितरण अधिकारियों के जरिए 24 मार्च तक लंबित बिलों को ट्रेजरी के माध्यम से आहरण कराना सुनिश्चित कराएं।
वित्तीय वर्ष 2017-18 समाप्त होने में महज 10 दिन का समय बचा है और जिले मेें तमाम ऐसे सरकारी विभाग है जो केंद्र व राज्य सरकार की ओर से विभिन्न मदों में जारी बजट का इस्तेमाल ही नही कर पाए हैं। इसका खुलासा जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से बुलाई गई समीक्षा बैठक में हुआ है।
जिलाधिकारी दीपक रावत की अध्यक्षता में मुख्य विकास अधिकारी स्वाती भदौरिया ने जिला विकास योजना वित्तीय वर्ष 2017-18 की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि उद्यान, मत्स्य, जल संस्थान, समाज कल्याण, चिकित्सा, बाल विकास, वन कुछ ऐसे विभाग हैं जो केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से तमाम योजनाओं में जारी बजट का इस्तेमाल नही कर पाए है। जिलाधिकारी दीपक रावत ने इस पर नाराजगी जताते हुुए तमाम विभागों के विभागाध्यक्षों को 24 मार्च तक की समय सीमा के भीतर बजट की वास्तविक रिपोर्ट लिखित रूप में जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने और इस वित्तीय वर्ष में विभागों की अवशेष धनराशि को तत्काल समर्पित करने की हिदायत दी। बजट खर्च में फिसड्डी उद्यान मत्स्य, जल संस्थान, समाज कल्याण, चिकित्सा बाल विकास, वन तथा स्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्षों को हिदायत दी गई कि वे आहरण वितरण अधिकारियों के जरिए 24 मार्च तक लंबित बिलों को ट्रेजरी के माध्यम से आहरण कराना सुनिश्चित कराएं।
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