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हर की पैड़ी के समान एक ब्रह्मकुंड बनाने का विरोध
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
कुंभ 2021 से पहले हरकी पैड़ी जैसा नीलाधारा चंडीघाट में एक और ब्रह्मकुंड बनाने की योजना का विरोध शुरू हो गया है। तीर्थ पुरोहित समाज का कहना है कि हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पुराणों और शास्त्रों में वर्णित स्थान व सनातन धर्म की आस्था का केंद्र है। इसके समानांतर कोई भी नया स्थान बनाने की कोशिश की गई तो तीर्थ पुरोहित समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
पं. रामकुमार गौतम की अध्यक्षता में ज्वालापुर में आयोजित तीर्थ पुरोहितों की सभा को संबोधित करते हुए गंगा सभा के पूर्व महामंत्री वीरेंद्र श्रीकुंज ने कहा कि नए ब्रह्मकुंड के निर्माण से समस्त हिंदू धर्मावलंबियों की आस्था को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्रह्मकुंड शास्त्रों में वर्णित है। यहां कुंभ और अर्द्धकुंभ के मेलों का आयोजन होता है। वर्ष भर के सभी स्नान इसी ब्रह्मकुंड के तट पर आयोजित होते हैं। गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अशोक त्रिपाठी ने कहा कि इस विषय पर शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलकर पुरोहितों का विरोध दर्ज कराया जाएगा और इस प्रयास को सफल नही होने दिया जाएगा। सभा के पूर्व सभापति ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों ने पहले भी तीर्थ की मर्यादा की रक्षा के लिए अनेक आंदोलन किये है और अब भी सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन करने में पुरोहित पीछे नही हटेंगे। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित वीरेंद्र कीर्तिपाल ने कहा कि जहां ब्रह्मकुंड के निर्माण की बात हो रही है वह इतिहास में वर्णित मछलाकुंड है उसका ऐतिहासिक महत्व है। गंगा सभा के अध्यक्ष परुषोत्तम शर्मा गांधीवादी ने कहा कि वह भी अपने स्तर से इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करेंगे। बैठक में यतींद्र सिखौला, प्रेम त्रिपाठी, श्रवण सरदार,अशोक सरदार, शशिकांत वसिष्ठ, मनोज, अनुज झा, तन्मय वशिष्ठ, डा. सिद्धार्थ चक्रपाणी, विश्वास शिवपुरी, शैलेष गौतम, मधुरमोहन सरायवाले आदि मौजूद थे।
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कुंभ 2021 से पहले हरकी पैड़ी जैसा नीलाधारा चंडीघाट में एक और ब्रह्मकुंड बनाने की योजना का विरोध शुरू हो गया है। तीर्थ पुरोहित समाज का कहना है कि हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पुराणों और शास्त्रों में वर्णित स्थान व सनातन धर्म की आस्था का केंद्र है। इसके समानांतर कोई भी नया स्थान बनाने की कोशिश की गई तो तीर्थ पुरोहित समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।
पं. रामकुमार गौतम की अध्यक्षता में ज्वालापुर में आयोजित तीर्थ पुरोहितों की सभा को संबोधित करते हुए गंगा सभा के पूर्व महामंत्री वीरेंद्र श्रीकुंज ने कहा कि नए ब्रह्मकुंड के निर्माण से समस्त हिंदू धर्मावलंबियों की आस्था को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्रह्मकुंड शास्त्रों में वर्णित है। यहां कुंभ और अर्द्धकुंभ के मेलों का आयोजन होता है। वर्ष भर के सभी स्नान इसी ब्रह्मकुंड के तट पर आयोजित होते हैं। गंगा सभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता अशोक त्रिपाठी ने कहा कि इस विषय पर शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलकर पुरोहितों का विरोध दर्ज कराया जाएगा और इस प्रयास को सफल नही होने दिया जाएगा। सभा के पूर्व सभापति ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों ने पहले भी तीर्थ की मर्यादा की रक्षा के लिए अनेक आंदोलन किये है और अब भी सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ आंदोलन करने में पुरोहित पीछे नही हटेंगे। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित वीरेंद्र कीर्तिपाल ने कहा कि जहां ब्रह्मकुंड के निर्माण की बात हो रही है वह इतिहास में वर्णित मछलाकुंड है उसका ऐतिहासिक महत्व है। गंगा सभा के अध्यक्ष परुषोत्तम शर्मा गांधीवादी ने कहा कि वह भी अपने स्तर से इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करेंगे। बैठक में यतींद्र सिखौला, प्रेम त्रिपाठी, श्रवण सरदार,अशोक सरदार, शशिकांत वसिष्ठ, मनोज, अनुज झा, तन्मय वशिष्ठ, डा. सिद्धार्थ चक्रपाणी, विश्वास शिवपुरी, शैलेष गौतम, मधुरमोहन सरायवाले आदि मौजूद थे।
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