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आज से बदल गई शिशिर ऋतु, वसंत ऋतु का आगमन
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शिशिर की विदाई के साथ नई ऋतु का स्वागत करने के लिए बुधवार से फूल पर्व शुरू हो गया है। 18 से भगवती दुर्गा के नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे।
भारतीय ऋतु क्रम छह ऋतुओं में बंटा हुआ है। अब तक ठंड घटने के बावजूद शिशिर ऋतु चल रही थी। शिशिर में पतझड़ आता है। अब पुरवा हवाएं आने वाली वसंत ऋतु का आगमन सूर्य के मीन राशि में आने के साथ ही हो गया है। सूर्य के मीन राशि में जाने के बाद नवसंवत के रूप में लगता है। यह नवसंवत्सर 18 मार्च को लगेगा। उसी दिन से नवरात्र शुरू हो जाएंगे। इस बार एक नवरात्र घटने से अष्ठमी और नवमी एक साथ पड़ रहे हैं। नवरात्र समापन के साथ ही रामनवमी मनाई जाएगी। संयोग की बात यह है कि नवरात्र घटने को असर अश्विन मास में आने वाले श्राद्ध पक्ष पर नहीं पड़ेगा। आमतौर पर एक नवरात्र घटने पर एक श्राद्ध भी कम हो जाता है।
इसके साथ ही फूल पर्व शुरू हो गया है। उत्तराखंड में इस पर्व को फूलदेई पर्व कहा जाता है। यह पर्व संक्रांति से शुरू होता है। उत्तराखंड में फूलदेई पर्व घर-घर मनाया जाता है। बुधवार सुबह पर्वतीय मूल के छोटे-छोटे बच्चों ने सुबह उठकर घर की देहरी पर फूल रखे और फूलदेई के गीत गाए। लोगों ने बच्चों को उपहार भी दिए।
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