{"_id":"1f7b33f4-db2d-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"disaster-relief-operations-are-also-affected","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटियों में छाई धुंध, रास्ता भटक रहे हेलीकॉप्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटियों में छाई धुंध, रास्ता भटक रहे हेलीकॉप्टर
गोपेश्वर/ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2013 04:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपदा के बाद 21 जून की शाम से जनपद की घाटियों में गहरी धुंध छाई हुई है। धुंध को देख स्थानीय लोगों के साथ ही बदरीनाथ और घांघरिया में फंसे तीर्थयात्रियों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
विज्ञापन
कोई कह रहा है यह धुंध भयंकर आपदा के संकेत हैं, तो कोई इसे आस्था से जोड़कर देख रहा है। धुंध से हेलीकॉप्टर भी भटक रहे हैं, जिससे आपदा राहत के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
आग नहीं लगी, धुंध छाई
16/17 जून को हुई प्रलयकारी बारिश के बाद जंगलों में आग भी नहीं लगी, लेकिन धुंध छाई है। लोगों को 200 मीटर की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। यही नहीं धुंध के चलते राहत कार्य में लगे सेना के हेलीकॉप्टर भी भटक रहे हैं। शनिवार की सुबह एक हेलीकॉप्टर रास्ता भटक कर नगर मुख्यालय से मंडल घाट जा पहुंचा।
बाद में लोकेशन मिलने के बाद जोशीमठ रवाना हुआ। शुक्रवार को भी धुंध के चलते एक निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर में उतरा, जो बाद में जोशीमठ रवाना हो गया। स्थानीय निवासी नवीन भट्ट का कहना है कि सुबह सूर्य उगते ही धुंध छाई हुई थी। इससे आंखों में जलन हो रही है।
आपदा के बाद कैंप में मिल रही राहत
पर्यावरण विद् चंडी प्रसाद भट्ट का कहना है कि बारिश के तुरंत बाद लगी चटख धूप के चलते जमीन की नमी वातावरण में फैल गई है। जिस कारण घाटियों में धुंध की चादर दिख रही है।