भ्रष्टाचार कर चकबंदी अधिकारी ने बनाया अकूत पैसा, गिरफ्तार
- पद के दुरुपयोग और आय से, अधिक संपत्ति का है मामला
- रुड़की से विजिलेंस की टीम ने किया गिरफ्तार
- पत्नी के नाम फर्जी कंपनी खोलने का आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने रुड़की से चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को गिरफ्तार किया है। चकबंदी अधिकारी पर भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की संपत्ति परिवार के नाम करने का आरोप है। वह पिछले 18 वर्षों से चकबंदी कार्यालय रुड़की में तैनात था।
विजिलेंस की टीम अन्य स्थानों पर भी प्रदीप गर्ग की संपत्ति की तलाश कर रही है। प्रदीप पर बेवजह किसानों को परेशान कर उनसे पैसा हड़पने का भी आरोप है।
विजिलेंस निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि चकबंदी अधिकारी गर्ग के खिलाफ कुछ दिन पहले एक शिकायती पत्र मिला था। पत्र के साथ गर्ग के पास आय से अधिक संपत्ति होने के कुछ सुबूत भी थे। विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान पता चला कि प्रदीप गर्ग उत्तर प्रदेश कैडर का है और 18 वर्षों से यहां तैनात है।
पत्नी के नाम से खोल रखी थी कंपनी
विजिलेंस निदेशक ने बताया कि गर्ग के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। जांच में यह बात सामने आई कि गर्ग ने पद का दुरुपयोग और किसानों का उत्पीड़न कर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। प्रदीप गर्ग ने पत्नी व रिश्तेदारों के साथ मिलकर लगभग 30 से 35 जगहों पर कृषि भूमि की खरीद फरोख्त की है। इसके अलावा गर्ग के पास रुड़की सिविल लाइन में मकान भी है, जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। साथ ही वह एक पिज्जा कंपनी का रेस्टोरेंट भी संचालित कर रहा है।
जांच में सामने आया कि भ्रष्टाचार से हुई काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए उसने पत्नी स्मृति के नाम से ‘स्मृति एडवाईजर्स’ कंपनी खोली थी। इसी कंपनी के जरिये वह फर्जी तरीके से व्यापार दिखा रहा था। विजिलेंस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।