फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Consolidation officer arrested in Arrested in a disproportionate assets

भ्रष्टाचार कर चकबंदी अधिकारी ने बनाया अकूत पैसा, गिरफ्तार

Mon, 16 May 2016 04:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 16 May 2016 04:27 AM IST
सार

  • पद के दुरुपयोग और आय से, अधिक संपत्ति का है मामला
  • रुड़की से विजिलेंस की टीम ने किया गिरफ्तार 
  • पत्नी के नाम फर्जी कंपनी खोलने का आरोप

विज्ञापन
Consolidation officer arrested in Arrested in a disproportionate assets
प्रदीप गर्ग - फोटो : AmarUjala

विस्तार

आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने रुड़की से चकबंदी अधिकारी प्रदीप गर्ग को गिरफ्तार किया है। चकबंदी अधिकारी पर भ्रष्टाचार और पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की संपत्ति परिवार के नाम करने का आरोप है। वह पिछले 18 वर्षों से चकबंदी कार्यालय रुड़की में तैनात था।

विज्ञापन


विजिलेंस की टीम अन्य स्थानों पर भी प्रदीप गर्ग की संपत्ति की तलाश कर रही है। प्रदीप पर बेवजह किसानों को परेशान कर उनसे पैसा हड़पने का भी आरोप है।

विजिलेंस निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि चकबंदी अधिकारी गर्ग के खिलाफ कुछ दिन पहले एक शिकायती पत्र मिला था। पत्र के साथ गर्ग के पास आय से अधिक संपत्ति होने के कुछ सुबूत भी थे। विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान पता चला कि प्रदीप गर्ग उत्तर प्रदेश कैडर का है और 18 वर्षों से यहां तैनात है।

विज्ञापन

पत्नी के नाम से खोल रखी थी कंपनी

Consolidation officer arrested in Arrested in a disproportionate assets
गिरफ्तार

विजिलेंस निदेशक ने बताया कि गर्ग के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। जांच में यह बात सामने आई कि गर्ग ने पद का दुरुपयोग और किसानों का उत्पीड़न कर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। प्रदीप गर्ग ने पत्नी व रिश्तेदारों के साथ मिलकर लगभग 30 से 35 जगहों पर कृषि भूमि की खरीद फरोख्त की है। इसके अलावा गर्ग के पास रुड़की सिविल लाइन में मकान भी है, जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। साथ ही वह एक पिज्जा कंपनी का रेस्टोरेंट भी संचालित कर रहा है।

जांच में सामने आया कि भ्रष्टाचार से हुई काली कमाई को ठिकाने लगाने के लिए उसने पत्नी स्मृति के नाम से ‘स्मृति एडवाईजर्स’ कंपनी खोली थी। इसी कंपनी के जरिये वह फर्जी तरीके से व्यापार दिखा रहा था। विजिलेंस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed