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मां पूर्णागिरि धाम में जल्द दूर होगा पानी का संकट
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पूर्णागिरि धाम में प्रस्तावित पेयजल योजना के लिए सर्वे करते पेयजल निर्माण निगम के इंजीनियर।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में पानी का संकट जल्द दूर होगा। जलकुनिया-पूर्णागिरि गुरुत्व पेयजल योजना की मंजूरी के बाद कार्यदायी विभाग ने सर्वे कर लिया है। श्यामलाताल के पास जलकुनिया स्रोत से करीब 13 किमी लंबी योजना बनेगी, जिससे पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में पर्याप्त जलापूर्ति होगी। बजट के लिए जुलाई में स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
पूर्णागिरि मेला ग्रीष्मकाल में होली के अगले दिन से शुरू होकर करीब तीन माह तक चलता है। इसमें लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है लेकिन जलस्रोतों में पानी कम होने से हर साल श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। पहले शारदा नदी से करीब ढाई किमी लंबी लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण की कवायद शुरू हुई, लेकिन 12 करोड़ के अधिक बजट के कारण पिछले वर्ष योजना रद्द कर गुरुत्व योजना के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी। इसके लिए पेयजल निर्माण निगम को सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा गया। रविवार को निगम के एई एमएस मनराल और जेई अनिल कुमार ने मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के साथ स्थलीय निरीक्षण कर सर्वे कर लिया है। एई ने बताया कि प्रस्तावित योजना करीब 13 किमी लंबी बनेगी और जलापूर्ति के लिए पुराने झूठा मंदिर स्थल पर ओवरहेड टैंक का भी निर्माण होगा। बताया कि जलकुनिया स्रोत में पर्याप्त पानी है, जिससे पानी की समस्या खत्म होगी।
शीघ्र शुरू कराया जाएगा निर्माण
पूर्णागिरि धाम में पानी की बड़ी समस्या है। पहले शारदा नदी से लिफ्ट पेयजल योजना बनाने का प्रस्ताव था। इस योजना का प्रस्ताव रद्द होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री से वार्ता कर जलकुनिया-पूर्णागिरि गुरुत्व पेयजल योजना निर्माण के प्रस्ताव को मंजूर कराया गया। सर्वे पूरा हो गया है। अब सरकार से शीघ्र बजट दिलाकर निर्माण भी शुरू कराया जाएगा।
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- कैलाश गहतोड़ी, विधायक-चंपावत।
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पूर्णागिरि मेला ग्रीष्मकाल में होली के अगले दिन से शुरू होकर करीब तीन माह तक चलता है। इसमें लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है लेकिन जलस्रोतों में पानी कम होने से हर साल श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। पहले शारदा नदी से करीब ढाई किमी लंबी लिफ्ट पेयजल योजना के निर्माण की कवायद शुरू हुई, लेकिन 12 करोड़ के अधिक बजट के कारण पिछले वर्ष योजना रद्द कर गुरुत्व योजना के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी। इसके लिए पेयजल निर्माण निगम को सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा गया। रविवार को निगम के एई एमएस मनराल और जेई अनिल कुमार ने मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के साथ स्थलीय निरीक्षण कर सर्वे कर लिया है। एई ने बताया कि प्रस्तावित योजना करीब 13 किमी लंबी बनेगी और जलापूर्ति के लिए पुराने झूठा मंदिर स्थल पर ओवरहेड टैंक का भी निर्माण होगा। बताया कि जलकुनिया स्रोत में पर्याप्त पानी है, जिससे पानी की समस्या खत्म होगी।
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शीघ्र शुरू कराया जाएगा निर्माण
पूर्णागिरि धाम में पानी की बड़ी समस्या है। पहले शारदा नदी से लिफ्ट पेयजल योजना बनाने का प्रस्ताव था। इस योजना का प्रस्ताव रद्द होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री से वार्ता कर जलकुनिया-पूर्णागिरि गुरुत्व पेयजल योजना निर्माण के प्रस्ताव को मंजूर कराया गया। सर्वे पूरा हो गया है। अब सरकार से शीघ्र बजट दिलाकर निर्माण भी शुरू कराया जाएगा।
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- कैलाश गहतोड़ी, विधायक-चंपावत।