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Champawat: बीमार छात्रा को इलाज के लिए 10 किमी डोली बनी सहारा, अस्पताल पहुंचाने में 38 KM की लगानी पड़ी दौड़
Wed, 25 Sep 2024 01:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत
Updated Wed, 25 Sep 2024 01:21 PM IST
सार
नेपाल सीमा से लगे डुंगरा बोरा क्षेत्र में आपदा के बाद सड़क खराब होने से बीमार छात्रा को ग्रामीण 10 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल तक लाए।
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लोहाघाट क्षेत्र के डुंगरा बोरा की बीमार छात्रा को डोली से लाते ग्रामीण। संवाद
विस्तार
नेपाल सीमा से लगे डुंगरा बोरा क्षेत्र में आपदा के बाद सड़क खराब होने से बीमार छात्रा को ग्रामीण 10 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल तक लाए। सड़क मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को बीमार छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में घंटों का समय लग गया। बीमार छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को कुल 38 किमी की यात्रा करनी पड़ी।
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मंगलवार को डुंगरा बोरा निवासी जानकी बोहरा (21) पुत्री मोहन सिंह अचानक तबीयत खराब हो गई। सड़क बंद होने से बीमार छात्रा को डोली के सहारे डुंगरा बोरा से रौसाल 10 किमी पैदल लाए। इसके बाद वह वाहन से 28 किमी दूर बीमार छात्रा को लोहाघाट अस्पताल पहुंचाया।गांव के बीडीसी सदस्य महेंद्र सिंह बोहरा, मोहन सिंह, पुष्कर सिंह, ध्रुव सिंह, दीपक सिंह, ईश्वर राम, गलीप सिंह, राम सिंह, नारायण सिंह आदि ने बताया कि छात्रा को वायरल बुखार से पीड़ित है।
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रास्ता बंद होने से वह डॉक्टर से उसकी जांच भी नहीं करवा पाए। छात्रा को अधिक बुखार आने पर वह डोली के सहारे पैदल चलकर उसे इलाज के लिए अस्पताल लाए हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों आपदा से गांव को जोड़ने वाला मार्ग मलबे से पट गया है। इससे गांव के लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द प्रशासन से सड़क मार्ग खोलने की मांग उठाई है।
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