{"_id":"5cfbec2fbdec22074363a74f","slug":"use-the-technology-to-encourage-tourism","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन विस्तार को तकनीक का उपयोग करें ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन विस्तार को तकनीक का उपयोग करें
Sat, 08 Jun 2019 10:41 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sat, 08 Jun 2019 10:41 PM IST
विज्ञापन
लोहाघाट पीजी कॉलेज में आयोजित सेमिनार के समापन पर मौजूद देश विदेश से आए विषय विशेषज्ञ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय पीजी कॉलेज में फेटर एकेडमी ऑफ इंडिया (एफएआई) की पहल पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार संपन्न हुआ। सेमिनार में विशेषज्ञों ने पर्यटन, आर्थिक विकास और महिला सशक्तीकरण विषय पर मंथन किया। गोष्ठी में शोध पत्रों की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
विज्ञापन
शनिवार को कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार गुरुरानी की अध्यक्षता और डॉ. एमके त्रिपाठी के संचालन में हुए सेमिनार में थाईलैंड स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रो. सीसी टेन, बैंकॉक के प्रो. यन्नाकोर्न, थाईलैंड के प्रो. सोमाची, चेन्नई के प्रो. रघुरमन, मदुराई के प्रो. थिवागर, प्रो. महादेवन और एफएआई के महासचिव प्रो. पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन की बेशुमार संभावनाएं हैं लेकिन इन संभावनाओं को जमीनी स्वरूप देने के लिए तकनीकी सहयोग जरूरी है।
विज्ञापन
मुख्य आयोजक डॉ. अर्चना त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन में हुए सेमिनार में वक्ताओं ने पर्यटक स्थलों के विकास और पर्यटकों को सुविधाएं देने पर जोर दिया। वक्ताओं का कहना था कि पर्वतीय क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण पर काफी काम करना बाकी है। अधिकतर महिला जन प्रतिनिधि रबर स्टैंप की भूमिका में हैं। सेमिनार में इंटेलीजेंस इन्फॉर्मेशन के तहत आधुनिक आईटी सेक्टर संबंधित व्याख्यान दिए गए। विषय विशेषज्ञों ने अद्वैत आश्रम मायावती और एबट माउंट का भ्रमण किया।
विज्ञापन
इस मौके पर डॉ. रितु मित्तल, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. जगदीश चंद्र जोशी, डॉ. धर्मेंद्र राठौड, डॉ. स्वाति मेलकानी, डॉ. विमला देवी, डॉ. प्रकाश लखेड़ा, डॉ. सुमन पांडेय, फिल्म निदेशक राकेश मधुसूदन, डॉ. एके द्विवेदी, डॉ. रामधन नौटियाल, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. रुचिर जोशी, डॉ. रवि सनवाल, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. विद्या कुमारी, डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद थे।